EducationReform – परीक्षा सुधार आंदोलन के बाद अभिजीत दीपके को सुरक्षा दिलाने की पहल
EducationReform– महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने रविवार को कहा कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले अभिजीत दीपके के प्रयासों ने व्यापक स्तर पर चर्चा पैदा की है। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र के निवासी द्वारा शुरू किए गए आंदोलन पर उन्हें गर्व है और राज्य सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विचार करना चाहिए।

परिवार से मुलाकात के बाद दिया बयान
छत्रपति संभाजीनगर के वालुज एमआईडीसी क्षेत्र में अभिजीत दीपके के परिवार से मुलाकात के बाद संजय शिरसाट ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि आंदोलन समाप्त होने के बावजूद दीपके अभी अपने घर नहीं लौटे हैं क्योंकि उनकी तबीयत खराब है और उन्हें टाइफाइड होने की जानकारी मिली है। मंत्री ने कहा कि परिवार की चिंता स्वाभाविक है और उनकी प्राथमिकता अभिजीत की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य है।
मुख्यमंत्री से करेंगे सुरक्षा पर चर्चा
संजय शिरसाट ने कहा कि अभिजीत दीपके के महाराष्ट्र लौटने के बाद उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा करेंगे। उनके अनुसार, किसी भी ऐसे व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए जिसने सार्वजनिक मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाया हो और जिसके कारण व्यापक जनसमर्थन देखने को मिला हो।
पहले मुलाकात नहीं करने की वजह भी बताई
मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने आंदोलन के दौरान दीपके के परिवार से मुलाकात इसलिए नहीं की क्योंकि उस समय इसे राजनीतिक दृष्टि से देखा जा सकता था। उन्होंने कहा कि वह परिवार को पिछले करीब 25 वर्षों से जानते हैं और व्यक्तिगत संबंधों के कारण अब उनकी कुशलक्षेम जानने पहुंचे। साथ ही उन्होंने अभिजीत की सेहत के बारे में भी जानकारी ली।
विदेश में करियर का अवसर छोड़ चुना छात्र हितों का रास्ता
संजय शिरसाट ने बताया कि बोस्टन विश्वविद्यालय से जनसंपर्क विषय में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने वाले अभिजीत दीपके को अमेरिका में नौकरी का अवसर भी मिला था। हालांकि उन्होंने पेशेवर करियर के बजाय छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करने का निर्णय लिया। मंत्री के अनुसार, दीपके के माता-पिता चाहते थे कि वह नौकरी करें, लेकिन उनकी प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाना और छात्रों के लिए काम करना था।
आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन
मंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और नीट प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुए आंदोलन को बड़ी संख्या में छात्रों का समर्थन मिला। उनका मानना है कि इस अभियान की सफलता का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं बल्कि समाज और छात्रों के सामूहिक सहयोग को जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिजीत दीपके ने इस पूरे आंदोलन का व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ लेने की कोई कोशिश नहीं की।
क्षेत्र के युवा पर जताया गर्व
संजय शिरसाट ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के एक युवा द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए जाना गर्व की बात है। उन्होंने दोहराया कि आंदोलन समाप्त हो चुका है और छात्रों की प्रमुख मांगों पर कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़े हैं। ऐसे में अब आवश्यक है कि अभिजीत दीपके के स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों का ध्यान रखा जाए।