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Governance – तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय ने शुरू की कई पुराने फैसलों की समीक्षा

Governance – तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रशासनिक स्तर पर कई अहम निर्णय लेने शुरू कर दिए हैं। हालिया फैसलों में सबसे प्रमुख हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग से जुड़े 245.85 करोड़ रुपये की लागत वाले 46 परियोजनाओं की प्रशासनिक मंजूरी रद्द करना है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी ताकि मंदिरों से जुड़े संसाधनों का उपयोग उनकी मूल धार्मिक और सार्वजनिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके।

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पद संभालने के बाद लगातार लिए गए प्रशासनिक फैसले

मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने शासन व्यवस्था में तेजी लाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और सभी मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से भविष्य में सभी सरकारी बसों को चरणबद्ध तरीके से वातानुकूलित करने की योजना भी सामने रखी गई।

जनहित से जुड़े कई फैसलों की घोषणा

नई सरकार ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद कई जनकल्याणकारी घोषणाएं भी कीं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का फैसला लिया गया, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज करने के लिए प्रत्येक जिले में विशेष Anti-Drug Task Force गठित करने की घोषणा की गई। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग विशेष इकाई के गठन का भी निर्णय लिया गया।

शराब की दुकानों को लेकर नई नीति

सरकार ने धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों और बस अड्डों के आसपास स्थित TASMAC शराब दुकानों की समीक्षा का आदेश दिया है। प्रारंभिक चरण में ऐसे 717 आउटलेट चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों के आसपास बेहतर सामाजिक वातावरण बनाए रखना है।

प्रशासनिक कार्यशैली भी बनी चर्चा का विषय

मुख्यमंत्री विजय की कार्यशैली भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, वे नियमित रूप से सचिवालय पहुंचकर विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं और समयबद्ध प्रशासन पर विशेष जोर दे रहे हैं। सरकार के भीतर निर्णय प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

विकास योजनाओं और निवेश पर फोकस

राज्य सरकार ने दीर्घकालिक आर्थिक विकास को भी प्राथमिकता दी है। विभिन्न विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार के साथ समन्वय की पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों, जिनमें बुनियादी ढांचा, रक्षा विनिर्माण, Artificial Intelligence परियोजनाएं और मछुआरों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं, पर चर्चा की थी।

मंदिर संसाधनों के उपयोग पर सरकार का पक्ष

HR&CE विभाग की परियोजनाओं को रद्द करने के फैसले पर सरकार का कहना है कि मंदिरों की आय और संसाधनों का उपयोग धार्मिक गतिविधियों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मंदिरों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जिन परियोजनाओं की मंजूरी वापस ली गई है, उनसे उपलब्ध होने वाले संसाधनों का उपयोग नई योजनाओं और मंदिर परिसरों के विकास में किया जा सकता है। इसके साथ ही सरकार ने वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा जारी रखने की भी बात कही है।

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