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MonsoonUpdate – केरल में इस बार समय से पहले पहुंच सकता है मानसून

MonsoonUpdate – देश में इस साल मानसून सामान्य समय से पहले दस्तक दे सकता है। भारतीय मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून एक जून के करीब भारत के दक्षिणी तट पर प्रवेश करता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो लगातार तीसरे वर्ष मानसून तय समय से पहले केरल पहुंचेगा।

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पिछले वर्ष मानसून 27 मई को केरल पहुंचा था, जबकि उससे पहले 2024 में इसकी शुरुआत 31 मई को हुई थी। मौसम विभाग का कहना है कि समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां इस बार मानसून की जल्दी शुरुआत के संकेत दे रही हैं।

अल नीनो प्रभाव को लेकर बढ़ी चिंता

मौसम वैज्ञानिकों ने इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव को लेकर भी सतर्क किया है। विभाग के अनुसार, समुद्र की सतह के तापमान में वृद्धि के कारण बनने वाली यह स्थिति वैश्विक मौसम चक्र को प्रभावित कर सकती है। इसका असर भारत में मानसूनी बारिश पर भी देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका रहती है। इससे कृषि और जल संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि कुछ इलाकों में सूखे जैसी स्थिति भी बन सकती है।

कई राज्यों में कम बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस बार देश के कुछ हिस्सों में औसत से कम बारिश दर्ज की जा सकती है। खासकर उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई राज्यों पर अल नीनो का असर अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में जून और जुलाई के दौरान वर्षा सामान्य से कम रह सकती है। हालांकि अगस्त और सितंबर में स्थिति कुछ बेहतर होने के संकेत हैं और उस दौरान अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई गई है।

कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है असर

मानसून भारत की कृषि व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। देश के बड़े हिस्से में खेती अब भी बारिश पर निर्भर है। ऐसे में बारिश में कमी या असमान वितरण का सीधा असर फसलों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शुरुआती महीनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। किसानों को मौसम की बदलती परिस्थितियों के अनुसार तैयारी करने की सलाह दी जा रही है।

मौसम विभाग लगातार रख रहा नजर

मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की प्रगति और बारिश के पैटर्न पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में समुद्री परिस्थितियों और तापमान में बदलाव के आधार पर नए अपडेट जारी किए जाएंगे।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून का जल्दी आना हमेशा अधिक बारिश की गारंटी नहीं होता। कई बार शुरुआती प्रगति तेज होने के बावजूद बाद के महीनों में वर्षा कम रह सकती है। इसलिए पूरे सीजन की स्थिति का आकलन लगातार किया जाता है।

जल प्रबंधन की चुनौती बढ़ सकती है

कम बारिश की आशंका को देखते हुए जल संरक्षण और संसाधन प्रबंधन की जरूरत भी बढ़ सकती है। कई राज्यों में पहले से ही भूजल स्तर और जलाशयों की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में यदि मानसून कमजोर रहा, तो गर्मी और पानी की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।

मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञ दोनों ही राज्यों को पहले से तैयारी करने और जल प्रबंधन योजनाओं को मजबूत करने की सलाह दे रहे हैं।

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