OrganizedCrime – अमेरिका समेत कई देशों में कार्रवाई, गिरफ्तार हुए बिश्नोई नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध
OrganizedCrime – अमेरिका के न्याय विभाग (Department of Justice) ने भारत से जुड़े कथित संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की गई कार्रवाई की जानकारी साझा की है। अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका, कनाडा और यूरोप के विभिन्न हिस्सों से कम से कम 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई ‘Operation Hard Ball’ के तहत की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर भारत से जुड़े तीन आपराधिक गिरोहों के साथ संबंध रखने के आरोप हैं। मामले की जांच अभी जारी है और कई अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

जांच में सामने आए कई गंभीर आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों के अनुसार, आरोपियों पर हत्या की साजिश, संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने जैसे आरोप लगाए गए हैं। जांच में कनाडा में खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़ी कथित साजिश का भी उल्लेख किया गया है। विभाग ने यह भी कहा कि एक भारतीय अभिनेता, जिसका नाम दस्तावेजों में केवल “SK” के रूप में दर्ज है, को कथित तौर पर धमकी देने की योजना का उद्देश्य भय का माहौल बनाना था। हालांकि किसी अभिनेता की पहचान आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है।
कई देशों में फैले नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियों के मुताबिक इस अभियान के दौरान कुल 37 संदिग्धों की पहचान की गई है। इनमें से 24 लोगों को अमेरिका, कनाडा और स्पेन से हिरासत में लिया गया है, जबकि शेष आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क कई देशों में सक्रिय बताया जा रहा है और विभिन्न एजेंसियां मिलकर इसकी गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
भर्ती का तरीका भी जांच के दायरे में
चार्जशीट में दावा किया गया है कि गिरोह कथित तौर पर भारत के कुछ युवाओं को धन, पहचान और सुरक्षा का लालच देकर अपने साथ जोड़ने की कोशिश करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ लोगों को छात्र या कार्य वीजा के माध्यम से विदेश भेजे जाने के आरोप भी जांच का हिस्सा हैं। इन दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
विकेंद्रीकृत ढांचे में काम करने का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कथित नेटवर्क पारंपरिक गिरोहों की तुलना में अलग ढंग से संचालित होता है। जांच के अनुसार इसके सदस्य छोटे-छोटे समूहों में काम करते हैं और उन्हें पूरे नेटवर्क की जानकारी नहीं होती। एजेंसियों का मानना है कि इस संरचना के कारण किसी एक सदस्य की गिरफ्तारी के बाद भी पूरे नेटवर्क तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
डिजिटल माध्यम से संचालन की आशंका
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गिरोह आधुनिक संचार माध्यमों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर गतिविधियों का समन्वय करता था। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न देशों में मौजूद सदस्यों के बीच संपर्क डिजिटल माध्यमों से बनाए रखने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। हालांकि इन सभी आरोपों का अंतिम सत्यापन अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां मिलकर कर रही हैं कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि मामले में विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। जांच का उद्देश्य कथित आपराधिक नेटवर्क की संरचना, वित्तीय स्रोतों और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों का पता लगाना है। संबंधित एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और नए तथ्यों के सामने आने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।