Parliament – मॉनसून सत्र से पहले सरकार ने तेज की विधायी तैयारियां
Parliament- संसद के आगामी मॉनसून सत्र को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी विधायी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयकों समेत कई अहम प्रस्तावों को दोनों सदनों में पेश करने और आवश्यक समर्थन जुटाने की दिशा में सक्रिय है। इनमें महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधान और परिसीमन से संबंधित विधेयक भी शामिल हो सकते हैं। पिछले सत्र में आवश्यक संख्या बल नहीं मिलने के कारण इन प्रस्तावों पर आगे बढ़ना संभव नहीं हो पाया था, लेकिन अब बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच सरकार अधिक आश्वस्त दिखाई दे रही है।

वरिष्ठ मंत्रियों ने की रणनीतिक बैठक
शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में वरिष्ठ मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मॉनसून सत्र के एजेंडे और संसदीय रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, जयंत चौधरी, राजीव रंजन सिंह, के. राम मोहन नायडू, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल सहित कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। बैठक में संभावित विधेयकों, विपक्ष की रणनीति और सदन के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
समर्थन जुटाने पर सरकार का जोर
सरकारी सूत्रों का कहना है कि संविधान संशोधन से जुड़े किसी भी प्रस्ताव को पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सरकार कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को छोड़कर अन्य कई राजनीतिक दलों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए है। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच सरकार को कुछ अतिरिक्त समर्थन मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।
लंबित और नए विधेयकों की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, मॉनसून सत्र में सबसे पहले हाल के अध्यादेशों को विधेयक के रूप में सदन में पेश किया जा सकता है। इसके अलावा सरकार कई नए विधेयकों को भी सूचीबद्ध करने की तैयारी में है। इनमें Income Tax (Amendment) Bill 2026, Supreme Court (Judges Strength) Amendment Bill 2026, Birth and Death Registration Amendment Bill 2026, Prevention of Insults to National Honour Amendment Bill 2026 तथा MSME Development Amendment Bill 2026 शामिल बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही Foreign Contribution Regulation Amendment Bill 2026 जैसे पहले से लंबित प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
राजनीतिक घटनाक्रम पर भी नजर
संसदीय हलकों में यह भी चर्चा है कि कुछ सांसदों के दल बदल से जुड़े मामलों पर लोकसभा अध्यक्ष की ओर से निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे फैसले सदन में विभिन्न दलों की संख्या और आगे की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
एनडीए संसदीय दल की बैठक भी तय
मॉनसून सत्र के दौरान 21 जुलाई को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों की बैठक आयोजित की जाएगी। परंपरा के अनुसार मंगलवार को होने वाली इस बैठक को “मंगल मिलन” नाम दिया गया है। इस दौरान गठबंधन के सांसदों को सत्र की प्राथमिकताओं, प्रमुख विधेयकों और सदन में अपनाई जाने वाली रणनीति से अवगत कराया जाएगा ताकि विभिन्न मुद्दों पर समन्वित रुख अपनाया जा सके।
मॉनसून सत्र पर रहेगी सभी की नजर
आगामी सत्र में सरकार के विधायी एजेंडे के साथ-साथ विपक्ष की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। कई अहम विधेयकों और संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में राजनीतिक दलों की रणनीति, समर्थन का गणित और संसदीय प्रक्रिया आने वाले दिनों में विशेष रूप से चर्चा का विषय बने रहेंगे।