Politics – अभिषेक बनर्जी की टिप्पणी पर भवानीपुर थाने में दर्ज हुई शिकायत
Politics – तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी एक बार फिर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। भवानीपुर पुलिस थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया पर ऐसा बयान दिया, जिसे गुजराती समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ माना जा रहा है। यह मामला उस भवानीपुर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव लड़ा था।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, शिकायत दो मई को अभिषेक बनर्जी द्वारा एक्स प्लेटफॉर्म पर किए गए एक पोस्ट को लेकर दर्ज हुई। शिकायतकर्ता अर्णब कांति दास ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि सांसद की टिप्पणी सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के लिए नुकसानदायक हो सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायत में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक मंच पर किसी समुदाय विशेष के संदर्भ में इस तरह की भाषा राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकती है।
पोस्ट में क्या कहा गया था
अभिषेक बनर्जी ने अपने पोस्ट में कथित तौर पर “बांग्ला विरोधी गुजराती गैंग” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों और कुछ अधिकारियों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उनके “डायमंड हार्बर मॉडल” को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। पोस्ट में उन्होंने केंद्र सरकार और विरोधी दलों को खुली चुनौती देने जैसी बातें भी लिखी थीं। इसी बयान को लेकर अब राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है।
शिकायतकर्ता ने जताई कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता
शिकायतकर्ता अर्णब कांति दास ने आरोप लगाया कि यदि इस तरह के बयान चुनावी माहौल में फैलते हैं, तो इससे समुदायों के बीच तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी विशेष समुदाय को लेकर इस्तेमाल किए गए शब्द लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ माने जा सकते हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपनी भाषा को लेकर अधिक जिम्मेदार होना चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं का उल्लेख भी बना मुद्दा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिकायत में इस बात पर भी आपत्ति जताई गई है कि अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में संवैधानिक पदों और संस्थाओं का उल्लेख राजनीतिक आरोपों के साथ किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ममता बनर्जी से जुड़े मामले भी चर्चा में
इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भी हाल में एक अलग शिकायत दर्ज होने की खबर सामने आई थी। सिलीगुड़ी साइबर अपराध थाने में एक अधिवक्ता ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का दावा था कि प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने मामला दर्ज करने में देरी की, लेकिन बाद में शिकायत स्वीकार कर ली गई।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी बयानबाजी
पश्चिम बंगाल में हाल के महीनों में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हुई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए नेताओं के बयान अब कानूनी और सामाजिक स्तर पर भी जांच के दायरे में आने लगे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।