StudentProtest – अनशन समाप्त होने के बाद भी बरकरार है शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
StudentProtest – जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि, आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध प्रदर्शन अभी खत्म नहीं होगा। संगठन का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी बीच सरकार और आंदोलनकारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है।

शिक्षा मंत्री को दिया खुला निमंत्रण
एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जंतर-मंतर आने का सार्वजनिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री वहां आते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा और इस्तीफे का मसौदा भी तैयार मिलेगा, जिस पर उन्हें केवल हस्ताक्षर करने होंगे। संगठन का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की है।
सरकार से वार्ता की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, आंदोलनकारी प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच बैठक होने की संभावना है। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया कि चर्चा किसी निष्पक्ष स्थान पर आयोजित किए जाने पर सहमति बनी है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन चाहता है कि बातचीत खुले माहौल में हो, जहां सभी पक्ष अपनी बात रख सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार आंदोलनकारियों की चिंताओं को गंभीरता से सुनेगी और सार्थक समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगी।
बैठक के स्थान को लेकर बनी रही चर्चा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने संकेत दिया कि बातचीत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सरकारी आवास या उनके कार्यालय में भी आयोजित की जा सकती है। दूसरी ओर, आंदोलनकारी पक्ष ने पहले ऐसे प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और तटस्थ स्थान पर बैठक कराने की मांग दोहराई। उनका कहना था कि निष्पक्ष स्थान पर होने वाली वार्ता से दोनों पक्षों के बीच बेहतर संवाद संभव होगा।
अस्पताल में इलाज के बाद खत्म हुआ अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन शुरू किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने पर पुलिस उन्हें वहां से अस्पताल ले गई, जहां पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद उनका उपचार मेदांता अस्पताल में जारी रहा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज किया गया और बाद में उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
आश्वासन के बाद लिया फैसला
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल जाकर वांगचुक से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने सूप पीकर अपना अनशन समाप्त किया। वांगचुक ने पहले कहा था कि यदि सरकार यह भरोसा देती है कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वे अपना अनशन खत्म करने पर विचार करेंगे। अनशन समाप्त होने के बावजूद संगठन ने साफ किया है कि उनकी मुख्य मांगों पर निर्णय होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।