उत्तर प्रदेश

AkhileshYadav – जन्मदिन कार्यक्रम के बाद सपा विधायक अमिताभ बाजपेई पर दर्ज हुआ मुकदमा

AkhileshYadav- कानपुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन पर एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम अब कानूनी विवाद का रूप ले चुका है। इस मामले में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई और उनके समर्थकों के खिलाफ ग्वालटोली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई निलंबित किए जा चुके विद्यालय के प्रधानाध्यापक की शिकायत के आधार पर की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

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स्कूल परिसर में कार्यक्रम पर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, एक जुलाई को विधायक अमिताभ बाजपेई अपने समर्थकों के साथ परमट प्रथम प्राथमिक विद्यालय पहुंचे थे। वहां बच्चों के बीच अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाया गया, केक काटा गया और विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म भी वितरित की गई। इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक नवीन कुमार त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया।

शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ मामला

निलंबित प्रधानाध्यापक की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय परिसर में बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हुआ। इसी आधार पर विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।

पुराने विवाद से जुड़ा है पूरा मामला

परमट प्रथम प्राथमिक विद्यालय पिछले करीब दो महीनों से विवादों में बना हुआ है। मई में विद्यालय के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य को लेकर राजनीतिक मतभेद सामने आए थे। विधायक निधि से प्रस्तावित कार्य को विभागीय अनुमति मिलने के बाद भी शिलापट्ट लगाने को लेकर विवाद हुआ था। बाद में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच भी टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद प्रशासन के हस्तक्षेप से निर्माण कार्य का शिलान्यास कराया गया।

विधायक ने आरोपों को बताया राजनीतिक

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान किसी पर दबाव नहीं डाला गया था। उनके अनुसार बच्चों को केक और यूनिफॉर्म वितरित की गई, जबकि शिक्षकों और विद्यार्थियों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के उद्देश्य से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

इसी विद्यालय में हाल ही में सांसद निधि से दो स्मार्ट क्लास कक्षों के निर्माण का शिलान्यास भी किया गया। सांसद रमेश अवस्थी ने इस पूरे मामले से स्वयं को अलग बताते हुए कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने का निर्णय शासन और प्रशासन का विषय है। वहीं, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने कहा कि उन्हें एफआईआर की औपचारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कार्यक्रम के लिए अनुमति ली गई होगी तो उसका विवरण संबंधित अधिकारियों से प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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