उत्तर प्रदेश

Antibiotic – गुणवत्ता जांच में फेल दवा पर यूपी सरकार ने की बड़ी कार्रवाई

Antibiotic– उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में आपूर्ति की गई एक एंटीबायोटिक दवा की दो बैच गुणवत्ता परीक्षण में निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPMSCL) ने संबंधित दवा की आपूर्ति करने वाली हिमाचल प्रदेश स्थित कंपनी Athens Life Science को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही संबंधित बैचों के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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जांच में दो बैच पाए गए मानकों से कम

जानकारी के अनुसार, सरकारी अस्पतालों के लिए वर्ष 2024 की खरीद प्रक्रिया के तहत Amoxicillin and Potassium Clavulanate Oral Suspension IP 200 mg दवा की आपूर्ति की गई थी। यह दवा निमोनिया और विभिन्न प्रकार के बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में उपयोग की जाती है। जिला ड्रग वेयरहाउसों में भेजी गई दवा के बैच DBT 25-048 और DBT 25-108 की गुणवत्ता जांच के दौरान दोनों नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट मिलने के बाद कॉर्पोरेशन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

कंपनी का जवाब नहीं माना गया संतोषजनक

पहले बैच के संबंध में कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कंपनी ने अपना स्पष्टीकरण भेजा, लेकिन UPMSCL ने उसे पर्याप्त नहीं माना। बाद में दूसरे बैच के गुणवत्ता परीक्षण में भी कमी सामने आने पर दोबारा नोटिस भेजा गया। इस बार निर्धारित समय के भीतर कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद कॉर्पोरेशन ने कंपनी को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया और संबंधित दवा का भुगतान भी रोकने के निर्देश जारी कर दिए।

सभी अस्पतालों और गोदामों को जारी हुए निर्देश

मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कॉर्पोरेशन ने Food Safety and Drug Administration (FSDA), ड्रग लाइसेंसिंग प्राधिकरण और प्रदेश के सभी जिला ड्रग वेयरहाउसों को निर्देश भेजे हैं। आदेश में संबंधित बैचों का वितरण और उपयोग तत्काल रोकने को कहा गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं कि प्रभावित बैच किसी भी स्थिति में मरीजों तक न पहुंचें। साथ ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने को भी कहा गया है।

पहले भी कई दवाएं गुणवत्ता जांच में हुईं फेल

पिछले कुछ समय में विभिन्न दवाओं के गुणवत्ता परीक्षण में भी कमियां सामने आ चुकी हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, जुलाई 2026 में Amikacin Sulphate इंजेक्शन जांच में फेल होने के बाद संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया था। इसके अलावा Albendazole 400 mg, Calcium Carbonate with Vitamin D3, Benzyl Benzoate Application और Ibuprofen 200 mg जैसी दवाओं की कुछ बैच भी अलग-अलग समय पर गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतर पाई थीं।

नकली दवाओं के मामले में राहत नहीं

इसी बीच नकली दवाओं की तस्करी से जुड़े एक मामले में भी अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अमीनाबाद क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कथित नकली दवाओं की खेप ले जाते हुए गिरफ्तार किए गए आरोपी भूपेंद्र सिंह की जमानत याचिका सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार, किसान पथ के पास वाहन की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद की गई थीं और वाहन आरोपी चला रहा था।

KGMU में मरीजों को मिली नई सुविधा

दूसरी ओर, King George’s Medical University (KGMU) ने वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग के मरीजों की सुविधा के लिए नया Hospital Revolving Fund (HRF) दवा काउंटर शुरू किया है। इस काउंटर के खुलने से मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल परिसर के बाहर दवा खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यहां प्रमाणित और रियायती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे विशेष रूप से बुजुर्ग और नियमित इलाज कराने वाले मरीजों को राहत मिलेगी।

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