AtiqCase – आबान के जनाजे में शामिल नहीं हो सकेंगे अली और उमर
AtiqCase– माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान के अंतिम संस्कार में उसके बड़े भाई अली अहमद और उमर शामिल नहीं हो पाएंगे। दोनों ने छोटे भाई के अंतिम दर्शन और सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत अथवा पैरोल की अनुमति मांगी थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की। अदालत ने कहा कि विचाराधीन बंदियों को इस प्रकार की राहत देने का अधिकार संबंधित न्यायालय के पास उपलब्ध वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत नहीं है।

अदालत ने क्या कहा
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश मिश्रा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वर्तमान कानूनी व्यवस्था के तहत विचारण न्यायालय अंतरिम जमानत या पैरोल मंजूर नहीं कर सकता। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि दोनों आरोपी यदि चाहें तो सक्षम प्राधिकारी या संबंधित सक्षम न्यायालय के समक्ष कानून के अनुसार उचित आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अदालत के इस फैसले के बाद अली और उमर के लिए तत्काल अंतिम संस्कार में शामिल होने का रास्ता बंद हो गया है।
याचिका में धार्मिक और पारिवारिक आधार का उल्लेख
अली और उमर की ओर से दायर आवेदन में कहा गया था कि छोटे भाई आबान की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होना उनका पारिवारिक, मानवीय और धार्मिक दायित्व है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस्लाम में सुपुर्द-ए-खाक के दौरान परिवार के सदस्यों की मौजूदगी का विशेष महत्व माना जाता है। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का हवाला देते हुए इस अवसर पर शामिल होने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि विचाराधीन बंदियों को इस आधार पर पैरोल या अंतरिम जमानत देने का कोई स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं है।
आबान का शव प्रयागराज लाया जाएगा
आबान की गुरुवार को झांसी में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका शव प्रयागराज लाया जाएगा, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार दफन किया जाएगा। फिलहाल अली झांसी जेल में और उमर लखनऊ जेल में बंद हैं, इसलिए दोनों व्यक्तिगत रूप से अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकेंगे।
शाइस्ता परवीन को लेकर फिर बढ़ी चर्चा
आबान की मौत के बाद एक बार फिर अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से शाइस्ता फरार है और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही है। इससे पहले अतीक अहमद, अशरफ और बेटे असद के अंतिम संस्कार के दौरान भी ऐसी अटकलें लगी थीं कि वह सामने आ सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बार भी सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, हालांकि उनकी मौजूदगी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
पुलिस की तलाश अब भी जारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शाइस्ता परवीन की तलाश में पिछले तीन वर्षों के दौरान कई राज्यों में अभियान चलाए गए हैं। विभिन्न एजेंसियों की मदद से लगातार खोजबीन की गई, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। वहीं अतीक अहमद की बहन आइशा नूरी और अशरफ की पत्नी जैनब भी फरार हैं। इन दोनों पर भी 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उनकी तलाश जारी है।