Donation Theft – अयोध्या राम मंदिर दान मामले में जांच तेज, वीआईपी दर्शन नेटवर्क भी जांच के दायरे में…
Donation Theft- अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित चोरी की जांच लगातार नए पहलुओं तक पहुंच रही है। मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में शामिल अनुकल्प मिश्रा, लवकुश और करुणेश से पूछताछ के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि वे कथित तौर पर वीआईपी दर्शन की व्यवस्था कराने के नाम पर भी आर्थिक लाभ हासिल करते थे। पुलिस अब उनके संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। इसी सिलसिले में न्यायालय से तीनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड भी मांगी गई है ताकि पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों का सत्यापन किया जा सके।

जांच में सामने आए नए संपर्क
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में कई होटल, ट्रैवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटरों से जुड़े संपर्क मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि कुछ प्रतिष्ठित होटलों में उनकी नियमित आवाजाही थी और वहां वे खुलकर खर्च करते थे। जांच एजेंसियां अब यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि इन संपर्कों का उपयोग केवल श्रद्धालुओं को वीआईपी दर्शन उपलब्ध कराने तक सीमित था या इसके पीछे कोई अन्य आर्थिक गतिविधि भी संचालित हो रही थी।
दान राशि के बंटवारे को लेकर जांच
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को कथित रूप से दान राशि से जुड़े लेनदेन की जानकारी रहती थी। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या चोरी की गई रकम का आपस में बंटवारा किया जाता था। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गणना कक्ष में कार्यरत कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों की मौजूदगी और कार्यप्रणाली का कथित तौर पर फायदा उठाया गया। पुलिस इन दावों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर रही है।
संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल
पूछताछ के दौरान आरोपियों से जुड़ी कुछ अचल संपत्तियों की जानकारी भी जांच एजेंसियों के सामने आई है। पुलिस अब इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय स्रोतों का सत्यापन कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि आवश्यक हुआ तो आरोपियों को संबंधित स्थानों पर ले जाकर भी जांच की जाएगी, जिससे संपत्तियों के स्वामित्व और लेनदेन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के केंद्र में
मामले की जांच केवल आरोपियों तक सीमित नहीं है। राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की जा रही है। जानकारी के अनुसार, मंदिर में तैनात करीब 400 सुरक्षाकर्मियों से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हुआ था या कहीं ऐसी कोई चूक रही, जिससे अनधिकृत गतिविधियों की संभावना बनी।
सीसीटीवी और प्रवेश-निकास व्यवस्था की जांच
पुलिस श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास मार्गों के साथ-साथ दान राशि के आवागमन से जुड़े सभी चरणों की जांच कर रही है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा व्यापक रखा गया है और हर उस पहलू की पड़ताल की जा रही है, जो इस मामले से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हो। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।