उत्तर प्रदेश

Encounter Case – कमलेश बिंद मुठभेड़ मामले में जांच की मांग तेज

Encounter Case – गाजीपुर में चर्चित कमलेश बिंद मुठभेड़ प्रकरण को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस लगातार बढ़ती जा रही है। अब प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने भी इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री डॉ. संजय निषाद इस घटना की जांच की मांग कर रहे हैं तो निश्चित रूप से उनके पास कुछ तथ्य या जानकारी होगी, जिसे सामने आना चाहिए। ऐसे मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जांच होना उचित रहेगा।

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हत्या की घटना के बाद शुरू हुई कार्रवाई

यह मामला गाजीपुर में 29 मई की रात हुई एक हत्या से जुड़ा है। शहर के एक होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने कटरा गैंग से जुड़े कई लोगों को आरोपी बनाया था। जांच के दौरान गैंग से जुड़े कमलेश बिंद समेत अन्य नाम सामने आए, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई तेज हुई।

मुठभेड़ के बाद उठे सवाल

बीते सप्ताह पुलिस ने एक कार्रवाई के दौरान कमलेश बिंद को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया। घटना के बाद परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। परिजनों का आरोप है कि कमलेश को पहले घर से ले जाया गया था और बाद में मुठभेड़ की कहानी सामने आई। इस दावे के बाद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई।

संजय निषाद ने जताई थी आपत्ति

सबसे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे। इसके बाद राज्य सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा था कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर होनी चाहिए और बिना पूरी जांच के किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं है।

संजय निषाद ने यह भी कहा था कि गंभीर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हर मामले में निष्पक्ष प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई थी।

सरकार के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

मामले पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती है। उनका कहना था कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़े कदम उठाना आवश्यक है।

हालांकि, इस बयान पर डॉ. संजय निषाद ने असहमति जताई थी। उन्होंने कहा था कि प्रत्येक मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी बीच ओम प्रकाश राजभर का भी जांच की मांग के समर्थन में सामने आना इस मुद्दे को और चर्चा में ले आया है।

विपक्ष लगातार उठा रहा सवाल

समाजवादी पार्टी भी इस मामले को लेकर लगातार सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रही है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में जनता का भरोसा बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी विवादित घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं पर उठ रहे सवालों का समाधान केवल पारदर्शी और स्वतंत्र जांच से ही संभव है। उनका मानना है कि इससे तथ्य सामने आएंगे और सभी पक्षों को न्याय मिलने की दिशा में स्पष्टता आएगी।

जांच की मांग के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

कमलेश बिंद मुठभेड़ मामले में अब सत्ता पक्ष के सहयोगी दलों के नेताओं द्वारा भी जांच की मांग किए जाने से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की ओर से अपनी कार्रवाई को नियमानुसार बताया गया है, जबकि विपक्ष और कुछ सहयोगी नेता पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार का रुख और संभावित जांच संबंधी निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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