उत्तर प्रदेश

Fire Safety – दिल्ली हादसे के बाद यूपी में शुरू हुई होटलों और इमारतों की व्यापक जांच

Fire Safety – दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुई भीषण आग की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि बहुमंजिला भवनों, होटलों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मौजूद सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

fire safety up hotels inspection drive

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों ने कई जिलों में संयुक्त निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। इस दौरान फायर सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और भवनों की सुरक्षा संरचना की जांच की जा रही है।

लखनऊ में कई प्रतिष्ठानों में मिलीं कमियां

राजधानी लखनऊ में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान दर्जनों होटलों का निरीक्षण किया गया। अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान पानी के दबाव, फायर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और सीढ़ियों की चौड़ाई जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की गई।

अभियान के दौरान 35 होटलों की जांच की गई, जिनमें से 25 में सुरक्षा मानकों से जुड़ी अलग-अलग प्रकार की कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने संबंधित प्रबंधन को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

नोटिस जारी करने की तैयारी

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें औपचारिक नोटिस भेजा जाएगा। विभाग का कहना है कि भवन निर्माण के समय स्वीकृत मानचित्र में जिन सुरक्षा मानकों का उल्लेख होता है, उनका पालन करना सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य है।

अधिकारियों ने बताया कि जहां भी अग्नि सुरक्षा उपकरण अधूरे, निष्क्रिय या मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे, वहां निर्धारित समयसीमा के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए जाएंगे। तय समय में कमियां दूर नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वाराणसी में भी चला विशेष अभियान

वाराणसी में अग्निशमन विभाग की कई टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे की जांच की। कुल 34 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 10 स्थानों पर सुरक्षा संबंधी खामियां पाई गईं।

जांच के दौरान फायर हाइड्रेंट, पानी के टैंक, मोटर पंप, स्मोक डिटेक्टर, आपातकालीन निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति देखी गई। जिन संस्थानों में आवश्यक उपकरण नहीं मिले या वे मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, उनके संचालकों को सुधार के निर्देश जारी किए गए हैं।

होटल संचालकों को दिए गए विशेष निर्देश

प्रशासनिक अधिकारियों ने होटल संचालकों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी साझा किए। उन्हें फायर सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता और स्पष्ट रूप से चिन्हित आपातकालीन निकास मार्ग सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके साथ ही वैध लाइसेंस, आगंतुकों का सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सभी व्यवस्थाएं सक्रिय और कार्यशील होनी चाहिए।

एनओसी और सुरक्षा मानकों पर बढ़ी निगरानी

अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में कई होटल, गेस्ट हाउस, अपार्टमेंट और स्वास्थ्य संस्थान ऐसे हैं जिनके लिए अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया है। हालांकि विभाग का मानना है कि नियमित निरीक्षण और मानकों के अनुपालन की प्रक्रिया लगातार जारी रहनी चाहिए।

सरकार का उद्देश्य केवल औपचारिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों में सुरक्षा मानक प्रभावी रूप से लागू हों। आगामी दिनों में राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह के निरीक्षण अभियान जारी रहने की संभावना है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.