Missing Child – दो साल बाद मिला खोया नवजात, मां को सौंपा…
Missing Child – गोरखपुर के पीपीगंज क्षेत्र से जुड़ा एक पुराना मामला तब चर्चा में आया जब दो वर्ष पहले जन्म के कुछ समय बाद लापता बताए गए एक बच्चे को पुलिस ने खोजकर उसकी जैविक मां को सौंप दिया। इस मामले में शुरुआती तौर पर बच्चे के गायब होने की बात सामने आई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर घटनाक्रम ने अलग ही तस्वीर पेश की। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि बच्चा किसी अपराध का शिकार नहीं हुआ था, बल्कि परिवार से अलग होने के बाद एक महिला उसकी परवरिश कर रही थी।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
महराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने हाल ही में पीपीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि जून 2024 में उसकी पत्नी ने एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे दोबारा भर्ती कराया गया। बाद में जब वह अस्पताल लौटा तो नवजात वहां नहीं मिला।
परिजनों ने पहले अपने स्तर पर बच्चे की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर पुलिस की मदद ली। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
पुलिस की जांच के दौरान परिवार और रिश्तेदारों से पूछताछ की गई। इस प्रक्रिया में पता चला कि बच्चा जन्म से दिव्यांग था। जांच अधिकारियों के अनुसार, परिवार पहले भी एक दिव्यांग बच्चे का अनुभव कर चुका था। इसी वजह से नवजात के जन्म के बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने उसे अपने पास रखने के बजाय रिश्तेदारी के माध्यम से दूसरी जगह भेज दिया था।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि बाद में बच्चे को एक ऐसी महिला के पास पहुंचाया गया, जो उसकी देखभाल करने लगी और उसे अपने बेटे की तरह पालने लगी।
महिला ने बेटे की तरह किया पालन-पोषण
जांच में सामने आया कि जिस महिला के पास बच्चा था, उसके परिवार में केवल बेटियां थीं और वह एक बेटे की इच्छा रखती थी। ऐसे में उसने इस बच्चे को पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनाया और उसकी परवरिश शुरू कर दी। पिछले दो वर्षों से वह बच्चे की देखभाल कर रही थी और उसे अपने परिवार का हिस्सा मान चुकी थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला ने बच्चे के पालन-पोषण में कोई कमी नहीं छोड़ी और उसे स्नेह के साथ बड़ा किया। इसी कारण जब बच्चे को वापस सौंपने की बात सामने आई तो भावनात्मक स्थिति भी बनी रही।
जैविक मां की इच्छा से मामला आगे बढ़ा
इस बीच बच्चे की असली मां को यह जानकारी मिली कि उसका बेटा जीवित है और किसी अन्य परिवार के पास रह रहा है। इसके बाद उसने बच्चे को वापस पाने की इच्छा जताई। परिजनों और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
स्थिति स्पष्ट न होने पर बच्चे के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की औपचारिक जांच शुरू हुई और बच्चे का पता लगाया गया।
पुलिस ने बच्चे को मां के सुपुर्द किया
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने बच्चे को बरामद कर उसकी जैविक मां को सौंप दिया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चे की पहचान को लेकर कोई विवाद नहीं है और सभी संबंधित पक्ष इस तथ्य से सहमत हैं कि बच्चा उसी परिवार का है।
सभी पहलुओं की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब यह जांच की जा रही है कि बच्चा किन परिस्थितियों में परिवार से अलग हुआ और उसे दूसरे परिवार तक कैसे पहुंचाया गया। मामले के हर पहलू की समीक्षा की जा रही है ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।