उत्तर प्रदेश

PoliceRecruitment – यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल हुए 21 लाख से अधिक अभ्यर्थी

PoliceRecruitment – उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। तीन दिनों तक चली इस परीक्षा में 21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। राज्यभर के 1183 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।

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पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अनुसार परीक्षा 8, 9 और 10 जून को दो-दो पालियों में आयोजित की गई। कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में से लगभग 75.94 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए, जबकि करीब एक चौथाई अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

लाखों अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 28,86,798 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इनमें पुरुष अभ्यर्थियों की संख्या 19,62,561 रही, जबकि 9,24,237 महिला उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। भर्ती परीक्षा प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ आयोजित की गई, जहां निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और बायोमेट्रिक सत्यापन का भी उपयोग किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए सभी केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती गई थी।

पांच फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार

परीक्षा के अंतिम दिन पांच ऐसे लोगों को पकड़ा गया जो कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे। ये मामले कानपुर नगर, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, सहारनपुर और झांसी से सामने आए।

जांच के दौरान कई केंद्रों पर बायोमेट्रिक और ई-केवाईसी सत्यापन में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद संबंधित अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई और दस्तावेजों की जांच में कथित अनियमितताएं मिलने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

बायोमेट्रिक जांच में खुला मामला

गौतमबुद्धनगर के एक परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी ई-केवाईसी मिलान न होने के कारण पकड़ा गया। इसी तरह कानपुर और अलीगढ़ में भी जांच के दौरान पहचान संबंधी विसंगतियां सामने आईं।

सहारनपुर और झांसी में भी बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान संदेह होने पर गहन जांच की गई, जिसके बाद कुछ अभ्यर्थियों के खिलाफ दूसरे उम्मीदवार के स्थान पर परीक्षा देने का मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

नकल और प्रतिरूपण के मामलों पर सख्ती

भर्ती बोर्ड के अनुसार, परीक्षा अवधि के दौरान नकल कराने या किसी अन्य व्यक्ति की जगह परीक्षा देने के प्रयासों से जुड़े मामलों में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया। विभिन्न जिलों में दर्ज मामलों की जांच जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जा रहा है। सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी टीमों और सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय रखा गया था।

सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री पर कार्रवाई

परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर गलत या भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। भर्ती बोर्ड को प्राप्त शिकायतों के आधार पर कई सोशल मीडिया खातों और चैनलों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, कुछ प्लेटफॉर्म पर परीक्षा से जुड़ी अपुष्ट सूचनाएं और भ्रामक दावे साझा किए जा रहे थे, जिससे अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी। ऐसे मामलों में साइबर निगरानी के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है।

पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर

भर्ती बोर्ड ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखने के लिए तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग किया गया। बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान जांच और डिजिटल निगरानी के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।

बोर्ड का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के आगामी चरणों में भी पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित हो सके।

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