SuicideCase – गाजीपुर में पान विक्रेता की मौत के बाद तीन पर हुआ मुकदमा
SuicideCase – गाजीपुर जिले में एक पान विक्रेता की आत्महत्या के मामले ने प्रशासन और बिजली विभाग दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। घटना के बाद पुलिस ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर, विजिलेंस टीम से जुड़े एक दरोगा, एक हेड कांस्टेबल और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लगातार दबाव और कार्रवाई के कारण मृतक मानसिक रूप से परेशान था। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है।

मुरादचक गांव निवासी सुरेंद्र कश्यप ने कथित रूप से सोमवार को आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद उनके पास से एक संक्षिप्त सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई, जिसमें उन्होंने अपनी परेशानी का उल्लेख किया था। इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है।
परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मृतक के बेटे सूरज कश्यप की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पिछले वर्ष बिजली जांच के दौरान उनके परिवार पर अनियमित उपयोग का आरोप लगाकर जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद बकाया राशि को लेकर आगे की राजस्व वसूली प्रक्रिया भी शुरू की गई।
परिजनों का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सुरेंद्र कश्यप निर्धारित राशि जमा नहीं कर सके। इसी वजह से वह लंबे समय से तनाव में थे और लगातार चिंता में रहने लगे थे।
प्रशासन ने शुरू कराई विस्तृत जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। शिकायत में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने भी मामले पर संज्ञान लिया। जिलाधिकारी ने मृतक के परिवार से मुलाकात कर उन्हें सहायता और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। प्रशासन का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय स्तर पर भी हुई कार्रवाई
घटना के बाद बिजली विभाग में भी हलचल देखी गई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले से जुड़े एक अमीन को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक विभागीय प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जाएगी ताकि सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
मुख्यमंत्री स्तर पर भी इस मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इससे जांच प्रक्रिया को और गति मिलने की संभावना है।
जनप्रतिनिधियों ने परिवार से की मुलाकात
घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मृतक के घर पहुंचे। स्थानीय विधायक अंकित भारती ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े मुद्दों को उचित मंचों पर उठाया जाएगा।
इसके अलावा अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी परिवार के प्रति समर्थन जताया। कुछ संगठनों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग प्रशासन के सामने रखी है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों स्तरों पर जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किसकी क्या भूमिका रही और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच गांव और आसपास के क्षेत्रों में घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।