Encroachment Removal – पौड़ी में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई तेज
Encroachment Removal – उत्तराखंड में सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के अभियान के तहत पौड़ी गढ़वाल जिले में प्रशासन ने कई स्थानों पर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन विभिन्न तहसीलों में सरकारी जमीनों का सत्यापन कर अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया चला रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की निगरानी में राजस्व विभाग की टीमों ने गुरुवार को कई क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए।

लैंसडाउन और रिखणीखाल क्षेत्र में कार्रवाई
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार लैंसडाउन तहसील के तोल्यूं तोक स्थित ग्राम च्वरा में सरकारी भूमि पर अतिरिक्त तारबाड़ लगाकर किए गए कब्जे का मामला सामने आया था। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि की जांच की और अवैध रूप से लगाए गए अवरोधों को हटाकर जमीन को मुक्त कराया।
इसी क्रम में रिखणीखाल तहसील के गुर्डेता, घेडी और कण्डिया तल्ला समेत कई गांवों में भी सरकारी भूमि पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण की पहचान की गई। संयुक्त राजस्व टीम ने स्थलीय निरीक्षण के बाद संबंधित स्थानों से कब्जे हटाकर भूमि को पुनः सरकारी अभिलेखों के अनुसार सुरक्षित किया।
कोटद्वार में पटवारी चौकी की भूमि कराई गई खाली
कोटद्वार तहसील के नंदपुर क्षेत्र में स्थित पटवारी चौकी मोटाढाक की भूमि पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण के खिलाफ भी प्रशासन ने कार्रवाई की। अभिलेखों के मिलान और स्थल निरीक्षण के बाद राजकीय भूमि को खाली कराया गया।
इसके अलावा खूनीबड़ गांव में बंजर श्रेणी की सरकारी जमीन पर तारबाड़, गमलों और नर्सरी के माध्यम से किए गए कब्जे को भी चिन्हित किया गया। प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होने के बाद संबंधित व्यक्ति ने स्वयं ही अतिक्रमण हटा लिया, जिसके बाद भूमि को कब्जामुक्त घोषित किया गया।
सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर प्रशासन का जोर
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि, चारागाह, सरकारी परिसंपत्तियों और रास्तों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी तहसीलों के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और संदिग्ध मामलों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां भी ऐसे मामले सामने आएंगे, वहां नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा जताई है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण दिखाई देता है तो उसकी सूचना संबंधित तहसील कार्यालय या राजस्व विभाग को दी जा सकती है।
जिला प्रशासन का कहना है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।