WeatherAlert – उत्तराखंड में तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी, कई जिलों में हुई स्कूलों की छुट्टी
WeatherAlert- उत्तराखंड में अगले तीन दिनों तक मौसम के बेहद खराब रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। 9 से 11 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में तेज से बहुत तेज बारिश का अनुमान जताया गया है। लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, चट्टानें गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है।

पांच जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल बंद
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में गुरुवार को सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। हरिद्वार प्रशासन ने भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।
अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चंपावत में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। 10 जुलाई को पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर में अत्यधिक वर्षा का अनुमान है, जबकि अन्य पर्वतीय जिलों में भी तेज बारिश की आशंका बनी हुई है। 11 जुलाई को बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, लेकिन देहरादून, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है।
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का बढ़ा खतरा
लगातार बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा आने और चट्टानों के खिसकने की आशंका जताई है। नदियों, गदेरों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति पैदा होने का जोखिम रहेगा। कई संवेदनशील मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर पुलों, सड़कों, बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना व्यक्त की गई है।
चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सलाह
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से मौसम की अद्यतन जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करने की अपील की है। आवश्यकता न होने पर यात्रा टालने की भी सलाह दी गई है। जिला प्रशासनों को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने और संभावित आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑरेंज अलर्ट के पीछे यह मौसमीय कारण
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने गुरुवार और शुक्रवार के लिए राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के साथ सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है। इसी मौसमीय प्रणाली के कारण अधिकांश जिलों में तेज बारिश की संभावना बढ़ गई है।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार हो रही वर्षा का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। देहरादून में बुधवार को अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 4.3 डिग्री कम रहा। यह सामान्य से भी लगभग दो डिग्री नीचे है। पंतनगर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री, मुक्तेश्वर में 17.6 डिग्री और नई टिहरी में 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से कम रहने के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है।