LiquorBan – मोतिहारी जहरीली शराब कांड में 14 अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
LiquorBan – बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने मोतिहारी में तैनात 14 मद्यनिषेध पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया कि प्रारंभिक जांच में ड्यूटी में लापरवाही और निगरानी में कमी सामने आई है।

यह कार्रवाई अप्रैल महीने में रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र में हुई जहरीली शराब की घटना के बाद की गई है, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी। कई अन्य लोगों की तबीयत भी बिगड़ी थी, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराया गया था।
सरकार ने सख्त रुख दोहराया
राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ किया है कि बिहार में लागू शराबबंदी कानून जारी रहेगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शराबबंदी कानून के पालन में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे आम नागरिक हों या जिम्मेदार अधिकारी, कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
सरकार का कहना है कि शराबबंदी को प्रभावी बनाए रखने के लिए विभागीय जवाबदेही तय की जा रही है और जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उन पर कार्रवाई जारी रहेगी।
किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
निलंबित किए गए अधिकारियों में उत्पाद निरीक्षक, मद्यनिषेध निरीक्षक, अवर निरीक्षक और सहायक अवर निरीक्षक स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। इनमें मोतिहारी सदर के उत्पाद निरीक्षक मनीष सर्राफ, मद्यनिषेध निरीक्षक मो. सेराज और धर्मेंद्र कुमार समेत कई अधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा कई एएसआई स्तर के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान इन अधिकारियों का मुख्यालय भागलपुर और मुजफ्फरपुर स्थित मद्यनिषेध ग्रुप सेंटर निर्धारित किया गया है।
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब और स्प्रिट कारोबार की निगरानी प्रभावी तरीके से नहीं की जा रही थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय स्तर पर न तो समय रहते कोई सूचना जुटाई गई और न ही संभावित अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए।
घटनास्थल से जब्त किए गए अवैध स्प्रिट की जांच में उसमें मेथेनॉल की अत्यधिक मात्रा पाई गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह रसायन मानव शरीर के लिए बेहद घातक होता है और जहरीली शराब की घटनाओं में अक्सर इसका इस्तेमाल सामने आता है।
दो एएसआई पहले ही हुए थे निलंबित
इस मामले में विभाग ने पहले चरण में दो एएसआई रंजीत कुमार और रौशनी कुमारी को निलंबित किया था। दोनों से घटना को लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। बाद में दरभंगा के मद्यनिषेध उपायुक्त की जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने उनका जवाब असंतोषजनक माना।
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि संबंधित अधिकारियों ने क्षेत्र में अवैध शराब गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद संयुक्त सचिव संजय कुमार ने दोनों अधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी किया।
घटना के बाद बढ़ी निगरानी
जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और कड़ी की जाएगी।