Budget – अनुपूरक बजट में पूर्वांचल और आधारभूत परियोजनाओं पर बढ़ा विशेष जोर
Budget– उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा में पेश किए गए अनुपूरक बजट में आधारभूत ढांचे, ग्रामीण विकास और पूर्वांचल क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं पर विशेष फोकस किया है। बजट में कई नई योजनाओं और अधूरी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन निवेशों का उद्देश्य प्रदेश में कनेक्टिविटी, रोजगार और विकास कार्यों को गति देना है।

पूर्वांचल के लिए बड़ी सड़क परियोजनाओं का प्रावधान
अनुपूरक बजट में पूर्वांचल की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को धन आवंटित किया गया है। सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र तक जोड़ने वाले प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 6,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा सोनभद्र से चंदौली और गाजीपुर तक प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 2,300 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी की गई है।
ग्रामीण विकास योजनाओं को मिला बड़ा हिस्सा
बजट का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित रखा गया है। सरकार ने ग्राम्य विकास विभाग के लिए कुल अनुपूरक बजट का लगभग 28 प्रतिशत आवंटित किया है। इसमें वीबी-जीराम-जी योजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रस्तावित की गई है। सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी।
आधारभूत ढांचे पर 70 प्रतिशत से अधिक खर्च का प्रस्ताव
सरकार ने अनुपूरक बजट का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं पर खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत करीब 41,620 करोड़ रुपये सड़क, औद्योगिक गलियारे, डेटा सेंटर और अन्य विकास परियोजनाओं पर खर्च किए जाएंगे। जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 250 करोड़ रुपये और आगरा एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया गया है।
सामाजिक और शैक्षिक योजनाओं पर भी फोकस
अनुपूरक बजट में सामाजिक कल्याण और शिक्षा से जुड़े कई प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सामान्य वर्ग के पात्र छात्रों के लिए दशमोत्तर छात्रवृत्ति मद में 155 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रस्तावित की गई है। राज्य के 31 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए 382 करोड़ रुपये तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए 101 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
डिजिटल और हरित योजनाओं को बढ़ावा
सरकार ने ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने की योजना को भी बजट में शामिल किया है। साथ ही गांवों में सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का कहना है कि इन पहलों से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, डिजिटल पहुंच और ऊर्जा सुविधाओं में सुधार होगा।