KanwarYatra – मेरठ में कांवड़ यात्रा को लेकर लागू हुआ नया ट्रैफिक प्लान
KanwarYatra– उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मेरठ प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में चरणबद्ध बदलाव शुरू कर दिए हैं। पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ बढ़ने की स्थिति में इस व्यवस्था का दायरा आगे और बढ़ाया जाएगा।

रुड़की रोड पर एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित
ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार रात से सिवाया टोल प्लाजा से टैंक चौराहे तक रुड़की रोड की एक लेन केवल कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित कर दी है। दूसरी लेन से सामान्य वाहनों की आवाजाही नियंत्रित तरीके से जारी रखी गई है, ताकि यातायात पूरी तरह प्रभावित न हो। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था वर्तमान भीड़ को देखते हुए लागू की गई है और आवश्यकता पड़ने पर इसमें बदलाव किया जाएगा।
भीड़ बढ़ने पर बढ़ेगा डायवर्जन का दायरा
अधिकारियों के मुताबिक, यदि बुधवार को कांवड़ियों की संख्या में वृद्धि होती है तो ट्रैफिक प्रतिबंधों का विस्तार टैंक चौराहे से आगे बेगमपुल और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों तक किया जा सकता है। इसके अलावा बुधवार रात 12 बजे के बाद कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू करने की भी तैयारी है। जरूरत पड़ने पर पूरे मार्ग को सुरक्षित कांवड़ कॉरिडोर के रूप में संचालित किया जाएगा।
ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त की रात से कई अन्य मार्ग भी केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित किए जा सकते हैं। आम लोगों से अपील की गई है कि यात्रा के दौरान जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
एक्सप्रेसवे पर लागू हो सकती है परिवर्तनीय गति सीमा
प्रशासन शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे पर परिवर्तनीय गति सीमा (Variable Speed Limit) लागू करने की तैयारी भी कर रहा है। इस व्यवस्था के तहत दिन के अलग-अलग समय में वाहनों की गति सीमा यातायात के दबाव के अनुसार तय की जाएगी। व्यस्त समय में गति सीमा कम रखकर जाम और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने का प्रयास किया जाएगा, जबकि सामान्य समय में निर्धारित मानकों के अनुसार गति सीमा लागू रहेगी।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पुलिस, ट्रैफिक विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे कांवड़ियों की संख्या बढ़ेगी, उसी के अनुरूप यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे ताकि यात्रा और आम जनजीवन दोनों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।