Monsoon Update – केरल में मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी, जानें यूपी के हाल…
Monsoon Update – देशभर में मानसून के इंतजार के बीच नई मौसमीय परिस्थितियों ने इसकी प्रगति को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। सामान्य तौर पर 1 जून तक केरल पहुंचने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार निर्धारित समय पर प्रवेश नहीं कर सका है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अब इसके सप्ताह के अंत तक केरल पहुंचने की संभावना बन रही है, हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी तक कोई नई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।

मानसून के आगमन में हो रही इस देरी पर मौसम वैज्ञानिक लगातार नजर बनाए हुए हैं। विभिन्न मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि अगले कुछ दिनों में परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं और इसके बाद दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ने लगेगी।
मौसम मॉडल ने जताई नई संभावना
मीडिया रिपोर्टों में मौसम विभाग के पूर्वानुमान मॉडल का हवाला देते हुए बताया गया है कि मानसून 5 या 6 जून तक केरल तट पर पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लिए जरूरी ऊपरी वायुमंडलीय हवाओं को मजबूत होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।
जानकारों का कहना है कि शुरुआत में बारिश की तीव्रता सीमित रह सकती है। यानी मानसून का प्रवेश धीरे-धीरे होगा और बाद में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। शुरुआती चरण में व्यापक और भारी बारिश की बजाय हल्की से मध्यम वर्षा देखने को मिल सकती है।
देरी की वजह क्या मानी जा रही है
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में कुछ वायुमंडलीय प्रणालियां मानसून की गति को प्रभावित कर रही हैं। ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम (GFS) मॉडल के मुताबिक, पश्चिमी दिशा से आने वाला एक पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है, जिसके कारण मानसून से जुड़ी अनुकूल हवाओं का विकास पूरी तरह नहीं हो पा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब यह प्रणाली कमजोर होगी या क्षेत्र से हटेगी, तब अरब सागर और दक्षिण भारत के ऊपर मानसूनी हवाएं अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित हो सकेंगी। यही कारण है कि फिलहाल मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
पूर्वानुमानों से अलग रही स्थिति
इस वर्ष मानसून को लेकर पहले भी कई अनुमान लगाए गए थे। कुछ पूर्वानुमानों में 26 मई तक केरल में मानसून पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई थी। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार इसकी सामान्य तिथि 1 जून मानी जाती है।
हालांकि दोनों ही समयसीमाओं के दौरान मानसून ने आधिकारिक रूप से केरल में दस्तक नहीं दी। इसके विपरीत, पिछले वर्ष मानसून सामान्य समय से पहले 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। इस बार की स्थिति ने मौसम विशेषज्ञों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
केरल में कौन सी शर्तें अभी पूरी नहीं हुईं
मौसम विभाग मानसून के आगमन की घोषणा कुछ निर्धारित मानकों के आधार पर करता है। इनमें राज्य के अधिकांश मौसम केंद्रों पर लगातार वर्षा, समुद्री क्षेत्रों में पर्याप्त गति से हवाओं का चलना और बादलों की पर्याप्त मौजूदगी शामिल है।
फिलहाल केरल में बारिश और बादलों की स्थिति काफी हद तक अनुकूल मानी जा रही है, लेकिन हवाओं की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में चल रही चक्रवाती गतिविधियों के कारण हवाओं की दिशा और गति प्रभावित हुई है, जिससे मानसून की प्रगति पर असर पड़ा है।
उत्तर भारत में कब पहुंचेगा मानसून
उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के राज्यों में भी मानसून की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सामान्य तौर पर मानसून 20 से 25 जून के बीच उत्तर प्रदेश पहुंचता है, जबकि दिल्ली में इसका आगमन जून के अंतिम सप्ताह में माना जाता है।
मौसम विभाग ने अभी उत्तर प्रदेश में मानसून पहुंचने की नई संभावित तारीख जारी नहीं की है। विभाग का कहना है कि मानसून की दक्षिण भारत में प्रगति के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। सामान्य परिस्थितियों में जून के अंत तक मानसून पूरे देश को कवर कर लेता है।