KainchiDham – स्थापना दिवस मेले से पहले कड़ी हुई यातायात और सुरक्षा व्यवस्था
KainchiDham –उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में स्थापना दिवस समारोह को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन ने 14 और 15 जून के लिए विशेष प्रतिबंधों की घोषणा की है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई मार्गों पर नियंत्रण और निगरानी बढ़ाई गई है।

प्रशासन के अनुसार, कैंची धाम क्षेत्र में इन दो दिनों के दौरान ड्रोन संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी व्यक्ति या संस्था को बिना पूर्व अनुमति ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र पर विशेष नजर बनाए रखेंगी।
कैंची-भवाली मार्ग रहेगा नियंत्रित
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैंची-भवाली रोड को जीरो जोन घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि इस मार्ग पर सामान्य निजी और यात्री वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। केवल एंबुलेंस, पुलिस, अग्निशमन और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित किया जा सकेगा।
सड़क किनारे अस्थायी गतिविधियों पर भी रोक
यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए भवाली से कैंची धाम, भवाली से भीमताल और भवाली से नैनीताल मार्गों पर सड़क किनारे अस्थायी स्टॉल, फूड वैन और भंडारे लगाने पर भी रोक लगाई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि इन मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अस्थायी गतिविधि यातायात बाधित कर सकती है। इसी वजह से मेले की अवधि के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी।
एंबुलेंस और विशेष वाहनों की होगी जांच
प्रशासन ने निजी एंबुलेंसों के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए विशेष जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। चेकिंग के दौरान वाहन से जुड़े दस्तावेज, अनुमति पत्र, मेडिकल उपकरण और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल वास्तविक आपातकालीन सेवाओं को ही विशेष श्रेणी की अनुमति मिलेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चार दिन लागू रहेगा डायवर्जन प्लान
कैंची धाम मेले को लेकर अल्मोड़ा पुलिस ने भी विशेष यातायात योजना जारी की है। यह व्यवस्था 13 जून से 16 जून तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान विभिन्न जिलों से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा।
बागेश्वर, गरुड़ और सोमेश्वर की दिशा से आने वाले वाहनों को निर्धारित मोड़ों से होकर लमगड़ा मार्ग के जरिए हल्द्वानी भेजा जाएगा। इसी तरह पिथौरागढ़, शेराघाट, बेरीनाग और गंगोलीहाट क्षेत्र से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
मेले की व्यवस्था में जुटे अधिकारी और कर्मचारी
स्थापना दिवस समारोह के सफल संचालन के लिए परिवहन विभाग ने भी व्यापक तैयारी की है। आरटीओ प्रशासन के अनुसार, हल्द्वानी संभाग से कई अधिकारियों और कर्मचारियों को मेले की ड्यूटी में लगाया गया है।
तैयारी बैठक में यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और बस संचालन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त बस सेवाएं
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए परिवहन विभाग ने बड़ी संख्या में बसों की व्यवस्था की है। कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर संचालित होने वाली सैकड़ों बसों में से बड़ी संख्या को विशेष शटल सेवा के लिए लगाया गया है।
इसके अलावा रोडवेज की अतिरिक्त बसें भी मेले के दौरान संचालित की जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष व्यवस्था के कारण कुछ पर्वतीय मार्गों पर नियमित बस सेवाओं की उपलब्धता अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।