उत्तराखण्ड

DonationProbe – बदरीनाथ चढ़ावा मामले में तीन स्तर पर तेज हुई जांच प्रक्रिया

DonationProbe- श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले की जांच अब कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। शासन की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति ने जांच की तैयारी शुरू कर दी है। समिति में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्हें चारधाम व्यवस्था, मंदिर प्रशासन और वित्तीय प्रक्रियाओं का पूर्व अनुभव है। माना जा रहा है कि इसी अनुभव के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।

badrinath donation probe

अनुभवी अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

उच्चस्तरीय जांच समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप कर रहे हैं। चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी का अनुभव होने के कारण उन्हें इस जांच का नेतृत्व सौंपा गया है। समिति के सदस्य संदीप तिवारी वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के प्रबंध निदेशक हैं और इससे पहले चमोली के जिलाधिकारी रह चुके हैं। चूंकि बदरीनाथ धाम चमोली जिले में स्थित है, इसलिए उन्हें स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं की अच्छी जानकारी है। समिति में वित्त नियंत्रक जगत सिंह चौहान भी शामिल हैं, जो पूर्व में देवस्थानम बोर्ड में वित्तीय जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

सभी पक्षों से लिए जाएंगे बयान

गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि जांच टीम जल्द बदरीनाथ धाम पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच करेगी। समिति बीकेटीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों, शिकायतकर्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों से भी जानकारी जुटाएगी। शासन ने 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही समिति से यह भी सुझाव देने को कहा गया है कि भविष्य में चढ़ावे के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए कौन-से सुधार लागू किए जा सकते हैं।

तीन स्तरों पर चल रही है जांच

मामले की जांच फिलहाल तीन अलग-अलग स्तरों पर जारी है। पहली जांच बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) की आंतरिक समिति कर रही है। दूसरी जांच शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति के माध्यम से हो रही है। वहीं तीसरी जांच चमोली पुलिस कर रही है। पुलिस ने मामले में निलंबित कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद साक्ष्य जुटाने और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

श्रद्धालुओं से भी ली जा सकती है जानकारी

मंदिर समिति के अनुसार, जिस दिन चढ़ावे की गणना हुई थी, उस दौरान मौजूद श्रद्धालुओं और साधु-संतों का विवरण सुरक्षित रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियां उनसे भी पूछताछ कर सकती हैं। समिति दो जुलाई के सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण करेगी और उस दिन ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों तथा कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। जांच का एक प्रमुख उद्देश्य यह समझना है कि चढ़ावा गणना की पूरी प्रक्रिया के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे और किस समय किस कर्मचारी की आवाजाही हुई।

जांच में सहयोग नहीं करने पर होगी कार्रवाई

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि निलंबित कर्मचारी को जांच में सहयोग करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्हें ज्योतिर्मठ कार्यालय से संबद्ध किया गया है और निर्धारित समय पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। यदि संबंधित कर्मचारी जांच में सहयोग नहीं करता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि चढ़ावा गणना में शामिल सभी लोगों का रिकॉर्ड समिति के पास उपलब्ध है।

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित, जांच पूरी होने के बाद होगी उपलब्ध

समिति के अनुसार दो जुलाई की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं। हालांकि पुलिस ने फुटेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, लेकिन फिलहाल उन्हें सार्वजनिक या हस्तांतरित नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उच्चस्तरीय जांच समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आवश्यक रिकॉर्ड जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि साक्ष्यों की सुरक्षा और जांच की निष्पक्षता बनी रहे।

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