बिज़नेस

Ethanol – सरकार ने बताया क्यों नहीं मिलता पेट्रोल पंपों पर अलग ईंधन चुनने का विकल्प

Ethanol- देश में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को लेकर उपभोक्ताओं के बीच उठ रहे सवालों पर केंद्र सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल, E10 और E20 जैसे कई विकल्प एक साथ उपलब्ध कराना व्यावहारिक और परिचालन दोनों दृष्टि से बेहद जटिल होगा। मंत्रालय के अनुसार, E20 ईंधन को अपनाने का फैसला लंबी तैयारी, तकनीकी परीक्षण और वाहन उद्योग सहित विभिन्न हितधारकों से विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है।

ethanol e20 petrol explained india

चरणबद्ध योजना के तहत लागू किया गया कार्यक्रम

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत में इथेनॉल मिश्रण की शुरुआत कोई हालिया पहल नहीं है। यह कार्यक्रम वर्ष 2001 से लगातार आगे बढ़ रहा है और पिछले दो दशकों में इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया गया है। इस दौरान ऑटोमोबाइल कंपनियों, परीक्षण संस्थानों और संबंधित विशेषज्ञों के साथ लगातार विचार-विमर्श किया गया। सरकार का कहना है कि इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

अलग-अलग ईंधन उपलब्ध कराना क्यों कठिन

सरकार के मुताबिक यदि एक साथ कई प्रकार के पेट्रोल की आपूर्ति और भंडारण करना पड़े तो पूरी ईंधन वितरण प्रणाली अधिक जटिल हो जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि E20 ईंधन बेहतर ऑक्टेन क्षमता, अधिक प्रभावी दहन, स्मूथ ड्राइविंग अनुभव और इंजन की साफ-सफाई जैसे कई तकनीकी लाभ प्रदान करता है। इसके अलावा यह पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन में भी मदद करता है। सरकार का मानना है कि E20 के लिए विकसित की गई मौजूदा व्यवस्था को पीछे ले जाना निवेश और बुनियादी ढांचे दोनों पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।

E20 की कीमत पर सरकार का पक्ष

कई उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल शुद्ध पेट्रोल से सस्ता क्यों नहीं है। इस पर मंत्रालय ने कहा कि सरकार किसानों से इथेनॉल की खरीद तय कीमतों पर करती है ताकि उन्हें उचित आय मिल सके। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए E20 का उत्पादन कई परिस्थितियों में अधिक महंगा पड़ सकता है। हालांकि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ती हैं तो यही मिश्रित ईंधन अपेक्षाकृत किफायती साबित हो सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य केवल ईंधन सस्ता करना नहीं, बल्कि आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना है।

पुराने वाहनों को लेकर क्या कहा गया

सरकार ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर E20 को लेकर कई भ्रामक दावे प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनका वैज्ञानिक आधार नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, देश की इथेनॉल आपूर्ति प्रणाली सख्त गुणवत्ता मानकों और नियामकीय निगरानी के तहत संचालित होती है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि जरूर करें और अफवाहों से बचें।

आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ का दावा

सरकार के साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से अब तक 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। साथ ही लगभग 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। मंत्रालय का यह भी कहना है कि इस पहल के जरिए किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक लाभ पहुंचा है। सरकार का मानना है कि यह कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कृषि क्षेत्र की आय बढ़ाने जैसे कई लक्ष्यों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.