उत्तराखण्ड

KailashYatra – भूस्खलन के बाद फिर शुरू हुआ कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग

KailashYatra – उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण बाधित हुआ कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग दोबारा खोल दिया गया है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने लगातार कई दिनों तक अभियान चलाकर सड़क से मलबा हटाया और यातायात बहाल किया। मार्ग खुलने के बाद अब तीर्थयात्रियों की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई है, जिससे यात्रा सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेगी।

kailash yatra route restored

BRO ने युद्धस्तर पर चलाया राहत कार्य

10 जुलाई को भारी भूस्खलन के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा का प्रमुख मार्ग बंद हो गया था। इसके बाद BRO की प्रोजेक्ट हीराक टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क बहाली का अभियान शुरू किया। टीम ने दिन-रात लगातार काम करते हुए मलबा हटाया और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की। अधिकारियों के अनुसार, सड़क अब पूरी तरह सुरक्षित है और वाहनों का आवागमन सामान्य रूप से शुरू हो चुका है।

यात्रियों की आवाजाही फिर हुई सामान्य

मार्ग बंद होने के कारण यात्रा अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई थी और कई वाहन रास्ते में रुक गए थे। सड़क खुलने के बाद सभी यात्रियों को राहत मिली है। BRO ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और कठिन परिस्थितियों में भी आवश्यक मार्गों को जल्द से जल्द चालू करने के लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर संपर्क पर जोर

BRO ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना भी है। संगठन ने दोहराया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी उसकी टीमें पूरी तत्परता से काम करती हैं ताकि रणनीतिक और धार्मिक महत्व वाले मार्गों पर यातायात लंबे समय तक बाधित न रहे।

किन लोगों को मिलती है यात्रा की अनुमति

कैलाश मानसरोवर यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। हिंदू धर्म में इसे भगवान शिव का पवित्र धाम माना जाता है, जबकि बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी यह यात्रा आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस यात्रा में वही भारतीय नागरिक शामिल हो सकते हैं जिनके पास वैध भारतीय पासपोर्ट हो और जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों।

पहला जत्था पांच जुलाई को हुआ था रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5 जुलाई को चंपावत जिले के टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को रवाना किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। यात्रा के संचालन में कुमाऊं मंडल विकास निगम, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त भूमिका है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि यह यात्रा सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और उत्पादों को भी नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होगी।

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