उत्तर प्रदेश

CourtSummons – गोरखपुर में फर्जी न्यायालय समन भेजने के आरोप में तीन पर हुआ मुकदमा

CourtSummons – उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में न्यायालय के नाम से कथित तौर पर फर्जी समन भेजे जाने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में कैंट थाना पुलिस ने बसपा नेता नवल किशोर नथानी, उनकी पत्नी किरण देवी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि न्यायालय की मुहर और दस्तावेजों की कथित नकली प्रतियां तैयार कर स्पीड पोस्ट के माध्यम से अधिवक्ता को भेजी गईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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स्पीड पोस्ट से मिला संदिग्ध लिफाफा

शिकायतकर्ता अधिवक्ता सुरेश कुमार रामरायका के अनुसार, 25 जून को उनके आवास पर स्पीड पोस्ट के जरिए एक रजिस्टर्ड लिफाफा पहुंचा। लिफाफे पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-2, गोरखपुर के नाम से मुहर जैसी छाप दिखाई दे रही थी। उस पर एक मोबाइल नंबर भी अंकित था। अधिवक्ता ने संदेह होने पर संबंधित नंबर पर संपर्क किया, लेकिन फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसका इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है और उसके मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल किया गया है।

सत्यापन में सामने आई अलग जानकारी

अधिवक्ता ने एहतियात के तौर पर लिफाफा खोलने की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई। इसके बाद वह दस्तावेजों का सत्यापन कराने न्यायालय पहुंचे। शिकायत के अनुसार, वहां जानकारी मिली कि संबंधित समन और स्पीड पोस्ट न्यायालय की ओर से जारी नहीं किए गए थे। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी।

पुरानी रंजिश का लगाया आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि बसपा नेता नवल किशोर नथानी और उनकी पत्नी के साथ उनका पहले से कानूनी विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि इसी रंजिश के चलते कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें भ्रमित करने और अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया। शिकायत में यह आशंका भी जताई गई है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

फोरेंसिक जांच की उठाई मांग

शिकायतकर्ता ने पुलिस से कथित फर्जी दस्तावेजों और न्यायालय की मुहर की फोरेंसिक जांच कराने का अनुरोध किया है। साथ ही स्पीड पोस्ट से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

आरोपों से किया इनकार

इस मामले में बसपा नेता नवल किशोर नथानी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनका स्वयं का एक आर्थिक विवाद चल रहा है, जिसके संबंध में उन्होंने पहले ही संबंधित थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है और वह न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच पूरी होने के बाद तथ्य एवं साक्ष्यों के अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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