उत्तर प्रदेश

RamMandir – चढ़ावा गिनती मामले की जांच में नए तथ्य, दो आरोपियों की रिमांड पर आज होगी सुनवाई

RamMandir- अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावा गिनती प्रकरण की जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। विशेष जांच दल (SIT) की पड़ताल में कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है।

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सीसीटीवी फुटेज में कई कर्मचारियों की भूमिका की जांच

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में कुछ कर्मचारी कथित रूप से नोटों की गड्डियों के साथ संदिग्ध गतिविधियां करते दिखाई दिए हैं। जांच में अविनाश शुक्ला, मनीष यादव और रमाशंकर मिश्रा के नाम सामने आए हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि अन्य कुछ कर्मचारी कथित तौर पर उनकी गतिविधियों को छिपाने में सहयोग कर रहे थे। पुलिस इन सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

भर्ती प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार मनीष यादव की नियुक्ति वर्ष 2026 में गणनाकर्मी के रूप में हुई थी। जांच में उसकी भर्ती की प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियुक्ति के कुछ समय बाद ही उसका नाम जांच में सामने आने के कारण भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

सीमित फुटेज में मिले महत्वपूर्ण सुराग

जांच एजेंसियों को 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इसी अवधि के फुटेज के विश्लेषण से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस का दावा है कि अब तक मिले डिजिटल साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों को एक-दूसरे से मिलाकर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। साथ ही अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

पुलिस ने रिमांड की अनुमति मांगी

मामले की विवेचना कर रही पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में आवेदन दिया है। विवेचक की ओर से कहा गया है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं और आवश्यक बरामदगी भी संभव है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत ने इस आवेदन पर सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख निर्धारित की है।

बरामद रकम और अनुमानित नुकसान पर भी सवाल

इस प्रकरण में बरामद धनराशि और कथित नुकसान के आंकड़ों को लेकर भी चर्चा जारी है। पहले पुलिस को लगभग 79 लाख रुपये सौंपे जाने की जानकारी सामने आई थी, जबकि बाद में ट्रस्ट की ओर से करीब तीन करोड़ रुपये की संभावित चोरी का अनुमान व्यक्त किया गया। इन दोनों आंकड़ों के बीच अंतर को लेकर भी जांच एजेंसियां उपलब्ध अभिलेखों, ऑडिट विवरण और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर रही हैं।

जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ, डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य प्रमाणों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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