MedicalCollege – कर्मचारी महासंघ ने डीजीएमई से लंबित मांगों पर की वार्ता
MedicalCollege- राजकीय मेडिकल कॉलेज कर्मचारी महासंघ, उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय पहुंचकर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) से मुलाकात की। बैठक के दौरान कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों और सेवा संबंधी मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। महासंघ ने शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

पदोन्नति और रिक्त पदों का मुद्दा उठा
प्रतिनिधिमंडल ने तृतीय श्रेणी के रिक्त पदों को लेकर अपनी मांग प्रमुखता से रखी। महासंघ का कहना था कि शासनादेश के अनुसार ऐसे रिक्त पदों में 20 प्रतिशत पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने चाहिए। कर्मचारियों ने इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की, ताकि लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को अवसर मिल सके।
जीपीएफ भुगतान की प्रक्रिया सरल बनाने की मांग
बैठक में सेवानिवृत्त होने वाले तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) भुगतान का विषय भी उठाया गया। महासंघ ने सुझाव दिया कि सेवानिवृत्ति के समय 90 प्रतिशत GPF राशि के भुगतान की स्वीकृति का अधिकार राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को दिया जाए। उनका कहना था कि इससे भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और कर्मचारियों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ से जुड़े प्रस्ताव
महासंघ ने लैब टेक्नीशियन के ग्रेड पे में संशोधन की मांग भी दोहराई। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान ग्रेड में बदलाव कर इसे 2800 से बढ़ाकर 4200 किया जाना चाहिए। इसके अलावा पैरामेडिकल कर्मचारियों के कैडर रिव्यू की मांग भी बैठक में रखी गई, ताकि उनकी सेवा संरचना और पदोन्नति के अवसरों को समयानुकूल बनाया जा सके।
कर्मचारियों के लिए गेस्ट हाउस की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ आने वाले कर्मचारियों की सुविधा का मुद्दा भी उठाया। महासंघ ने राजधानी में कर्मचारियों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस के निर्माण का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि विभिन्न प्रशासनिक और विभागीय कार्यों के लिए दूर-दराज के जिलों से आने वाले कर्मचारियों को अस्थायी आवास की सुविधा मिलने से काफी राहत मिलेगी।
अधिकारियों और प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
बैठक में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. नेहा शर्मा, संयुक्त सचिव आनंद त्रिपाठी तथा एफसी शशी भूषण तोमर सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कर्मचारी महासंघ की ओर से प्रदेशाध्यक्ष सतीश त्यागी, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, आर.एन. पांडे, अमित वर्मा, लाल सिंह, आशीष त्रिपाठी, अरविंद कुमार, मनोहर लाल और अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लेकर कर्मचारियों की मांगों को विस्तार से रखा।
सकारात्मक संवाद की उम्मीद
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ। कर्मचारी महासंघ ने उम्मीद जताई कि लंबित मांगों पर शासन स्तर पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों को सेवा संबंधी सुविधाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राहत मिल सके।