LPGSaving – नए तरल एलपीजी सिलेंडर से ईंधन बचत पर बढ़ा जोर
LPGSaving- देश में प्रतिदिन इस्तेमाल होने वाले करीब 40 लाख कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों में बड़ी मात्रा में गैस पूरी तरह उपयोग नहीं हो पाती। पारंपरिक Vapour Off Take (VOT) सिलेंडरों में गैस खत्म होने का आभास होने के बावजूद लगभग 1 किलोग्राम एलपीजी अंदर बची रह जाती है। इस वजह से हर दिन हजारों टन गैस व्यर्थ चली जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह नुकसान सालभर में लाखों टन एलपीजी और हजारों करोड़ रुपये के बराबर बैठता है।

नई तकनीक अपनाने पर बढ़ा जोर
ईंधन की बढ़ती मांग और वैश्विक सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए देश की Oil Marketing Companies अब कमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं को Liquid Off Take (LOT) तकनीक वाले एलपीजी सिलेंडर अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य एलपीजी की बर्बादी कम करना और उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। कंपनियों का मानना है कि नई तकनीक से गैस की खपत अधिक दक्षता के साथ की जा सकेगी।
पारंपरिक सिलेंडरों में क्यों होती है गैस की बर्बादी
VOT तकनीक वाले सिलेंडरों में गैस वाष्प के रूप में निकलती है, जिसके कारण सिलेंडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता। अनुमान है कि 19 किलोग्राम क्षमता वाले प्रत्येक सिलेंडर में करीब 1 किलोग्राम एलपीजी शेष रह जाती है। यदि इसे देशभर में रोजाना इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडरों के हिसाब से देखा जाए तो प्रतिदिन लगभग 4,000 टन गैस का नुकसान होता है। यह वार्षिक स्तर पर करीब 1.46 मिलियन टन एलपीजी के बराबर है।
LOT सिलेंडर से मिल सकता है पूरा लाभ
Liquid Off Take तकनीक वाले सिलेंडरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें मौजूद एलपीजी लगभग पूरी तरह उपयोग में आ जाती है। इससे उपभोक्ताओं को खरीदी गई गैस का अधिकतम लाभ मिलता है। उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह तकनीक ईंधन की बचत के साथ संचालन को भी अधिक प्रभावी बनाती है। पुणे गैस सिस्टम्स द्वारा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भेजे गए पत्र में दावा किया गया है कि यदि सभी कमर्शियल उपभोक्ता LOT सिलेंडर अपनाते हैं तो देश को सालाना लगभग 21,900 करोड़ रुपये तक की संभावित बचत हो सकती है।
कीमत में नहीं है कोई अतिरिक्त बोझ
नई तकनीक अपनाने के बावजूद उपभोक्ताओं को कीमत के मामले में कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ेगा। Indian Oil की वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम दरों के अनुसार दिल्ली में 47.5 किलोग्राम क्षमता वाले LOT और VOT दोनों प्रकार के सिलेंडरों की कीमत 7,332 रुपये है। इसी तरह 19 किलोग्राम क्षमता वाले दोनों सिलेंडर भी 2,930 रुपये की समान कीमत पर उपलब्ध हैं। यानी तकनीक बदलने के बावजूद लागत में कोई अंतर नहीं रखा गया है।
कंपनियों की रणनीति में आया बदलाव
Oil Marketing Companies ने 47.5 किलोग्राम क्षमता वाले Liquid Off Take सिलेंडरों को वर्ष 2007 में ही अपने उत्पादों में शामिल कर लिया था, लेकिन लंबे समय तक इनका सीमित उपयोग ही हुआ। अब कंपनियां इनके प्रचार और आपूर्ति पर विशेष ध्यान दे रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार देशभर में 1,000 से अधिक संस्थान इस तकनीक को अपना चुके हैं। पुणे गैस सिस्टम्स की कार्यकारी निदेशक जेसल संपत के मुताबिक, तेल कंपनियों के सहयोग से शुरू हुई इस पहल को ग्राहकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और धीरे-धीरे इसकी मांग बढ़ रही है।