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MatchAnalysis – शुभमन गिल ने बताई हार की वजह, बल्लेबाजी पर उठाए सवाल

MatchAnalysis – इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भारत को चार विकेट से हार झेलनी पड़ी, जिसके बाद तीन मैचों की श्रृंखला 1-1 की बराबरी पर पहुंच गई। मुकाबले के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार की मुख्य वजह टीम की बल्लेबाजी को बताया। उनका मानना था कि जिस तरह की शुरुआत भारत को मिली थी, उसके बाद स्कोर 300 रन के आसपास होना चाहिए था। लेकिन मध्यक्रम और निचले क्रम के जल्दी आउट होने से टीम मजबूत स्थिति का फायदा नहीं उठा सकी।

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अच्छी शुरुआत के बाद नहीं बन पाया बड़ा स्कोर

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में शुभमन गिल ने कहा कि शुरुआती 25 ओवरों तक टीम पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण में थी। उस समय खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को भरोसा था कि भारत 300 से 310 रन तक पहुंच सकता है। हालांकि इसके बाद लगातार विकेट गिरने से पारी की रफ्तार थम गई। गिल के अनुसार, बीच के ओवरों में बल्लेबाजों का टिककर नहीं खेल पाना टीम के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ।

निचले क्रम से उम्मीदें रहीं अधूरी

भारतीय कप्तान ने स्वीकार किया कि टीम ने लोअर मिडिल ऑर्डर और टेलएंड बल्लेबाजों से जरूरत से ज्यादा उम्मीद लगा ली थी। उन्होंने कहा कि अंतिम क्रम के खिलाड़ी मुख्य रूप से बल्लेबाज नहीं हैं, इसलिए उनसे लगातार बड़े योगदान की अपेक्षा करना आसान नहीं होता। गिल का मानना है कि यदि बीच के ओवरों में छोटी-छोटी साझेदारियां बन जातीं तो भारत चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर सकता था। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले मुकाबलों में टीम इस कमी को दूर करने की कोशिश करेगी।

अपने विकेट पर भी जताई निराशा

शुभमन गिल ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर भी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब कोई बल्लेबाज सीधे फील्डर के हाथों कैच दे बैठता है तो वह किसी भी खिलाड़ी के लिए संतोषजनक स्थिति नहीं होती। उनके अनुसार, अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और इसका असर टीम के कुल स्कोर पर भी पड़ा।

वॉशिंगटन सुंदर की चोट पर क्या बोले कप्तान

मैच के दौरान वॉशिंगटन सुंदर को लगी चोट पर भी गिल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुंदर टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनके चोटिल होने के बाद रणनीति में बदलाव करना पड़ा। हालांकि गिल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं लगता कि केवल इसी वजह से मैच का परिणाम बदला। उनके मुताबिक, उस विकेट पर तेज गेंदबाजों को अधिक मदद मिल रही थी, लेकिन एक अहम खिलाड़ी के उपलब्ध नहीं रहने से गेंदबाजी संयोजन और योजनाओं पर जरूर असर पड़ा।

जो रूट की पारी बनी निर्णायक

इंग्लैंड की जीत में जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी सबसे अहम रही। इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए गिल ने कहा कि यदि भारत 300 रन के आसपास का लक्ष्य देता तो इंग्लैंड पर रन गति बनाए रखने का अधिक दबाव होता। ऐसे हालात में रूट से गलती कराने की संभावना भी बढ़ सकती थी। लेकिन अपेक्षाकृत छोटे लक्ष्य ने उन्हें अपनी स्वाभाविक शैली में बल्लेबाजी करने का मौका दिया। गिल के अनुसार, रूट जैसे अनुभवी बल्लेबाज कम रन गति वाले लक्ष्य का पीछा करने में बेहद माहिर हैं और भारत उन्हें दबाव में लाने में सफल नहीं हो सका।

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