अंतर्राष्ट्रीय

USPolitics – ईरान मुद्दे पर जेडी वेंस की टिप्पणी से बढ़ी नई राजनीतिक चर्चा

USPolitics – अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान वेंस ने उन लोगों पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिन पर उन्होंने ईरान के साथ संभावित समझौते को कमजोर करने के लिए सोशल मीडिया अभियान चलाने का आरोप लगाया। उनके बयान को अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े कूटनीतिक समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

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सोशल मीडिया अभियान पर जताई नाराजगी

‘द जो रोगन एक्सपीरियंस’ पॉडकास्ट में लंबी बातचीत के दौरान जेडी वेंस ने कहा कि कुछ समूह ऐसे प्रयास कर रहे हैं जिनका उद्देश्य ईरान के साथ तनाव को समाप्त करने के बजाय लंबे समय तक बनाए रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अभियानों के जरिए अमेरिकी जनमत को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने अभियान से जुड़े लोगों पर कड़ी भाषा का इस्तेमाल करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया।

समझौते की कोशिशों का किया उल्लेख

वेंस के अनुसार, उनकी कोशिश एक ऐसे समझौते की दिशा में थी जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्धारित रणनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप हो। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान उनके खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश हुई। उनका कहना था कि कुछ लोगों ने मीडिया में जानकारियां साझा कीं और सोशल मीडिया पर लगातार आलोचनात्मक अभियान चलाया, ताकि बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित हो सके।

विदेशी प्रभाव पर भी उठाए सवाल

उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अलग-अलग देश अपने हितों के अनुरूप वॉशिंगटन को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं और इसे वह असामान्य नहीं मानते। हालांकि उन्होंने चिंता इस बात पर जताई कि यदि अमेरिकी नीति निर्माण पर बाहरी प्रभाव जरूरत से ज्यादा असर डालने लगे, तो यह गंभीर विषय हो सकता है। उनके अनुसार, अंतिम निर्णय हमेशा अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर होना चाहिए।

इजरायल को लेकर पहले भी दे चुके हैं संकेत

वेंस की हालिया टिप्पणियों को इजरायल की नीतियों पर उनकी अब तक की सबसे स्पष्ट प्रतिक्रियाओं में माना जा रहा है। इससे पहले भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ईरान के साथ कूटनीतिक प्रयासों की खुली आलोचना करना उचित नहीं है। उनका मत था कि सहयोगी देशों के बीच मतभेद होने पर भी संवाद और समन्वय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

बयान के राजनीतिक मायने

विशेषज्ञों का मानना है कि वेंस की टिप्पणियां अमेरिका की पश्चिम एशिया नीति को लेकर चल रही आंतरिक बहस को भी सामने लाती हैं। हालांकि अमेरिकी प्रशासन की आधिकारिक विदेश नीति अलग संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत तय होती है, लेकिन उपराष्ट्रपति के इस बयान ने यह संकेत दिया है कि ईरान को लेकर रणनीति और कूटनीतिक रास्तों पर अलग-अलग दृष्टिकोण मौजूद हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।

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