Ramayana – काजल अग्रवाल ने बताई फिल्म की खासियत, वैश्विक पहचान पर जताया भरोसा
Ramayana – निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। हाल ही में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में फिल्म की टीम और कलाकारों की मौजूदगी में इसका टीज़र प्रदर्शित किया गया। अब इसका आधिकारिक संस्करण 24 जुलाई को वैश्विक स्तर पर जारी किया जाएगा। फिल्म में मंदोदरी का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने एक बातचीत के दौरान फिल्म के पैमाने, अपनी भूमिका और इसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

वैश्विक मंच पर भारतीय कहानी पेश करने की तैयारी
एक पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए काजल अग्रवाल ने कहा कि यह परियोजना उनके लिए बेहद खास है। उनके अनुसार, जब भारतीय पौराणिक कथा पर आधारित इतनी बड़ी फिल्म दुनिया भर में रिलीज होगी तो यह देश के लिए गर्व का क्षण होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह अंतरराष्ट्रीय दर्शक Marvel, Harry Potter और The Lord of the Rings जैसी सिनेमाई दुनिया से जुड़े हैं, उसी तरह भारतीय महाकाव्य को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।
बड़े स्तर पर तैयार की जा रही फिल्म
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल होगी, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। काजल के अनुसार, फिल्म का बजट, तकनीकी स्तर और निर्माण का पैमाना इसे विशेष बनाता है। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक बड़े बजट की फिल्म नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और व्यापक दृष्टिकोण के साथ तैयार किया जा रहा प्रोजेक्ट है।
पैन इंडिया के साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों पर भी नजर
काजल अग्रवाल ने कहा कि फिल्म को केवल भारतीय दर्शकों तक सीमित रखने की सोच नहीं है। उनके मुताबिक, इसमें देश के विभिन्न फिल्म उद्योगों से जुड़े कलाकार शामिल हैं और इसे वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। उनका मानना है कि यह भारतीय संस्कृति और पौराणिक परंपरा को दुनिया के सामने एक नए सिनेमाई रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास है।
मंदोदरी के किरदार के लिए कर रहीं अध्ययन
फिल्म में अपने किरदार की तैयारी को लेकर काजल ने बताया कि वह मंदोदरी से जुड़े विभिन्न स्रोतों और पुस्तकों का अध्ययन कर रही हैं। उनके अनुसार, यह चरित्र केवल रावण की पत्नी तक सीमित नहीं है, बल्कि बुद्धिमत्ता, नेतृत्व क्षमता और दूरदृष्टि के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग ग्रंथों और परंपराओं में मंदोदरी के बारे में कई तरह के उल्लेख मिलते हैं, इसलिए इस भूमिका को समझने के लिए गहराई से अध्ययन करना आवश्यक है।
कहानी के विभिन्न पक्षों पर भी की चर्चा
काजल ने यह भी बताया कि मंदोदरी से जुड़ी कई मान्यताएं और अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं। कुछ परंपराओं में उन्हें पंचकन्याओं में स्थान दिया गया है, जबकि अन्य कथाओं में उनके जीवन से जुड़े अलग-अलग प्रसंगों का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि इन विविध संदर्भों को पढ़ना उनके लिए रोचक अनुभव रहा है। अभिनेत्री का मानना है कि ऐसे अध्ययन से किसी भी ऐतिहासिक या पौराणिक किरदार को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।