FootMassage – रात में सिर्फ दो मिनट पैरों की मालिश से मिल सकते हैं कई स्वास्थ्य लाभ, विशेषज्ञों ने बताई वजह
FootMassage- स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम जितने जरूरी हैं, उतनी ही अहम कुछ पारंपरिक आदतें भी मानी जाती हैं। आयुर्वेद के अनुसार, रात में सोने से पहले कुछ मिनट तक पैरों के तलवों की हल्के गर्म तेल से मालिश करना शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सरल अभ्यास बेहतर नींद से लेकर मानसिक शांति तक कई सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

आयुर्वेद में क्यों दी जाती है पैरों की मालिश की सलाह
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार पैरों के तलवों में शरीर की अनेक नसों के अंतिम सिरे मौजूद होते हैं। दिनभर शरीर का भार उठाने के कारण पैरों पर सबसे अधिक दबाव पड़ता है। ऐसे में रात के समय हल्के गर्म तेल से मालिश करने पर शरीर को आराम मिलने के साथ तंत्रिका तंत्र को भी राहत मिल सकती है। इससे शरीर शांत अवस्था में आने लगता है और आरामदायक नींद लेने में मदद मिलती है।
बेहतर नींद के लिए हो सकता है उपयोगी तरीका
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने से पहले पैरों की मालिश करने से शरीर का रिलैक्सेशन बढ़ सकता है। इससे मन शांत होता है और तनाव कम महसूस हो सकता है। कई लोगों को नियमित रूप से यह आदत अपनाने पर गहरी और आरामदायक नींद आने का अनुभव भी होता है।
तनाव कम करने में मिल सकती है मदद
दिनभर की भागदौड़ और मानसिक दबाव का असर शरीर के साथ-साथ दिमाग पर भी पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार पैरों की मालिश से शरीर को आराम मिलने के कारण मानसिक तनाव कम हो सकता है। यह प्रक्रिया मन को शांत करने में सहायक मानी जाती है, जिससे व्यक्ति अधिक सहज और संतुलित महसूस कर सकता है।
तंत्रिका तंत्र को मिलता है आराम
पैरों के तलवों की मालिश के दौरान नसों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे उनमें तनाव कम होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे शरीर को आराम का संकेत मिलता है और मानसिक थकान भी कुछ हद तक कम हो सकती है।
वात संतुलन बनाए रखने में भूमिका
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. मनीषा मिश्रा के अनुसार, नियमित रूप से तलवों पर गर्म तेल की मालिश करने से शरीर के वात दोष को संतुलित रखने में सहायता मिल सकती है। उनका कहना है कि यह अभ्यास शरीर की नसों को शांत करने के साथ संपूर्ण शारीरिक संतुलन बनाए रखने में भी उपयोगी माना जाता है।
ब्लड प्रेशर पर भी पड़ सकता है सकारात्मक असर
कुछ शोधों में यह संकेत मिले हैं कि पैरों की नियमित मालिश से तनाव कम होने के साथ सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को केवल मालिश पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित उपचार जारी रखना चाहिए।
सूजन कम करने में हो सकती है सहायक
जिन लोगों के पैरों में तरल पदार्थ जमा होने की समस्या यानी एडिमा रहती है, उनके लिए भी हल्की मालिश लाभदायक मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्भावस्था या कुछ हृदय संबंधी स्थितियों में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार की गई पैरों की मालिश सूजन और भारीपन की भावना को कम करने में मदद कर सकती है।
एड़ी के दर्द में मिल सकती है राहत
प्लांटर फेशियाइटिस या एड़ी में दर्द की समस्या से जूझ रहे कुछ लोगों को नियमित और सही तरीके से की गई पैरों की मालिश से आराम मिल सकता है। हालांकि यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे या लगातार बढ़ता जाए, तो स्वयं उपचार करने के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।