ParliamentProtest – जंतर-मंतर पर रात तक जारी रहा प्रदर्शन, दिनभर तनावपूर्ण रहा माहौल
ParliamentProtest – संसद मार्च को लेकर दिनभर चले घटनाक्रम के बाद सोमवार देर रात जंतर-मंतर पर एक बार फिर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा देखने को मिला। शाम के समय पुलिस द्वारा क्षेत्र खाली कराए जाने के बावजूद कई लोग रात में दोबारा प्रदर्शन स्थल पर लौट आए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी मांगों पर निर्णय होने तक विरोध जारी रहेगा। रात करीब 11 बजे तक वहां 200 से अधिक लोग मौजूद थे और समय के साथ अन्य लोग भी पहुंचते रहे। इस दौरान इलाके में बिजली उपलब्ध नहीं थी, फिर भी प्रदर्शन जारी रहा।

शाम के बाद फिर जुटे प्रदर्शनकारी
पुलिस कार्रवाई के बाद कई प्रदर्शनकारी पहले केरल भवन के आसपास चले गए थे। बाद में वे दोबारा जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उनका दावा था कि अस्थायी मंच और प्रदर्शन से जुड़ी कुछ संरचनाएं क्षतिग्रस्त मिलीं। अंधेरे के बीच भी लोगों ने नारे लगाए और विरोध जारी रखा। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह बनी रही।
सुबह से ही बढ़ने लगी थी भीड़
सुबह निर्धारित समय से पहले ही बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे। संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे। कुछ समूह बैरिकेड पार कर संसद मार्ग की ओर बढ़े, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर वहां से हटाया। जंतर-मंतर, जनपथ, पटेल चौक और आसपास के इलाकों में पूरे दिन सुरक्षा बल तैनात रहे।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बढ़ा तनाव
दिन के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों की ओर से पथराव किए जाने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे कुछ सुरक्षाकर्मी घायल हुए। दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रतिभागियों के घायल होने की भी जानकारी मिली। घटनास्थल पर अफरातफरी के बीच सड़क पर जूते-चप्पल और अन्य सामान बिखरा दिखाई दिया। इसके बाद कुछ समय के लिए स्थिति अपेक्षाकृत शांत रही।
गिरफ्तारी की आशंका के बाद तेज हुई नारेबाजी
दोपहर करीब दो बजे प्रदर्शन स्थल से यह जानकारी साझा की गई कि संगठन के एक प्रमुख सदस्य को हिरासत में लिए जाने की आशंका है। इसके बाद मौजूद लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी। लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे। आयोजन से जुड़े लोगों ने मंच से बार-बार अपील की कि सभी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन जारी रखें और बिना निर्णय के स्थल न छोड़ें।
दोपहर बाद कई इलाकों में बढ़ी हलचल
करीब तीन बजे संसद मार्ग और वाईएमसीए के आसपास स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई। घटनास्थल पर एक क्षतिग्रस्त कार देखी गई, जबकि कुछ स्थानों पर पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई। हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अलग-अलग दिशाओं में निकलने लगे।
कई मार्गों पर सुरक्षा अभियान जारी रहा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने संसद मार्ग से प्रदर्शनकारियों को हटाकर कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल और अन्य इलाकों की ओर ले जाना शुरू किया। इस दौरान कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें पुलिस के वाहन भी शामिल थे। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए और कई स्थानों पर लाठीचार्ज तथा आंसू गैस का इस्तेमाल किया। लगभग एक घंटे से अधिक समय तक विभिन्न इलाकों में भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई चलती रही।
हालात पर प्रशासन की नजर
दिनभर चले घटनाक्रम के बाद देर रात तक जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रही। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए था, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहने की बात कहते रहे। फिलहाल स्थिति पर संबंधित एजेंसियां लगातार निगरानी रख रही हैं और आगे की कार्रवाई परिस्थितियों के अनुसार की जाएगी।