Scam – कानपुर में नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में हुआ ठगी का बड़ा खुलासा
Scam– उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर कथित ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य सरगना समेत 10 अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह युवाओं को आकर्षक कमाई और नौकरी जैसे वादों के जरिए अपने नेटवर्क में जोड़कर बड़ी रकम वसूल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, शहर के एक मैरिज लॉन में करीब 250 युवाओं को नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर प्रशिक्षण दिया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर छापा मारकर छह लोगों को हिरासत में लिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि नए सदस्यों को जोड़ने के बदले आर्थिक लाभ का लालच दिया जाता था और उनसे लगातार नए लोगों को जोड़ने के लिए कहा जाता था।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क बिहार से संचालित किया जा रहा था और इसके सेंटर उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में सक्रिय थे। पुलिस को अब तक कानपुर, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी, बस्ती और बेगूसराय समेत कई शहरों में इसके संचालन की जानकारी मिली है। अन्य राज्यों में मौजूद केंद्रों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
हजारों युवाओं को जोड़ने का दावा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में कानपुर के लगभग दो हजार युवाओं और देशभर के करीब 60 हजार लोगों के इस नेटवर्क से जुड़ने की जानकारी मिली है। आरोप है कि प्रत्येक सदस्य से लगभग 17 हजार रुपये लिए जाते थे और फिर उसे नए लोगों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था। जांच में वित्तीय लेनदेन और कंपनी की कार्यप्रणाली की भी पड़ताल की जा रही है।
नियमों के विपरीत संचालित हो रही थी कंपनी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ी वैध कंपनियों में आय का प्रमुख स्रोत उत्पाद या सेवाओं की बिक्री होती है। लेकिन इस मामले में जांच के दौरान यह आशंका सामने आई कि कंपनी की आय मुख्य रूप से नए सदस्यों से लिए गए शुल्क पर आधारित थी। इसी आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
एसआईटी करेगी पूरे मामले की जांच
मामले की व्यापकता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम की जिम्मेदारी पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच करना होगी। पुलिस का कहना है कि कंपनी के शीर्ष पदाधिकारियों सहित कुल 10 आरोपियों की तलाश जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।