PMKisan – केंद्र ने पीएम-किसान योजना 2030-31 तक बढ़ाई, कई नई योजनाओं को मिली मंजूरी
PMKisan – केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना के विस्तार के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से आर्थिक सहायता मिलती रहेगी और कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। यह योजना वर्ष 2019 में शुरू की गई थी, जिसके तहत पात्र भू-स्वामी किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में दिए जाते हैं।

किसानों के खातों में पहुंच चुकी है बड़ी राशि
सरकार के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद अब तक 23 किस्तों के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि किसानों की आर्थिक मजबूती देश के समग्र विकास से जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि योजना को आगे जारी रखने से कृषि निवेश, उत्पादन क्षमता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त गति मिलने की उम्मीद है।
सूर्य सरोवर योजना को भी मिली मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत बांधों, जलाशयों और बड़े तालाबों की सतह पर सोलर पैनल स्थापित कर बिजली उत्पादन किया जाएगा। सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 5,070 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह योजना अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि देश के जलाशयों में 102.18 गीगावाट तक बिजली उत्पादन की क्षमता मौजूद है। ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के लिए स्टोरेज व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
खेलो इंडिया कार्यक्रम का बढ़ाया गया दायरा
कैबिनेट ने खेलो इंडिया योजना के विस्तारित स्वरूप और राष्ट्रीय खेल महासंघों को वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक इस क्षेत्र पर कुल 36,441 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें खेलो इंडिया कार्यक्रम के लिए 29,054 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय खेल महासंघ सहायता योजना के लिए 7,387 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य देश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
पहली बार शुरू होंगे फीडर और उत्कृष्ट विद्यालय
नई खेल नीति के तहत पहली बार खेलो इंडिया फीडर स्कूल और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। यह पहल भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों की तैयारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
खेल प्रशिक्षण संस्थानों का होगा एकीकरण
सरकार ने राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE), खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र, SAI प्रशिक्षण केंद्र, खेलो इंडिया मान्यता प्राप्त अकादमियों, खेलो इंडिया केंद्रों और सशस्त्र बलों की युवा खेल इकाइयों को एकीकृत करने की योजना भी घोषित की है। इस व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों को आधुनिक कोचिंग, खेल विज्ञान, फिटनेस और प्रदर्शन विश्लेषण जैसी सुविधाएं एक ही ढांचे के भीतर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में भागीदारी और प्रदर्शन को नई मजबूती मिलेगी।