SIP – 20 वर्षों में बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए SIP निवेश की सही रणनीति
SIP– आज के दौर में बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग समय से पहले वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने और करीब 50 वर्ष की उम्र तक रिटायरमेंट की योजना बना रहे हैं। हालांकि केवल जल्दी रिटायर होने का फैसला पर्याप्त नहीं है। इसके लिए ऐसा मजबूत वित्तीय आधार भी जरूरी है, जो आने वाले वर्षों में बढ़ते खर्चों और महंगाई के बीच आरामदायक जीवनशैली बनाए रखने में मदद कर सके। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय के लक्ष्य के लिए पर्याप्त कॉर्पस तैयार करना पहले से योजनाबद्ध निवेश पर निर्भर करता है।

20 वर्षों में 10 करोड़ रुपये का लक्ष्य
यदि कोई निवेशक अगले 20 वर्षों में लगभग 10 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना चाहता है, तो नियमित और अनुशासित निवेश आवश्यक होगा। उपलब्ध वित्तीय गणनाओं के अनुसार, यदि निवेश पर औसतन 12 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न मिलता है और हर वर्ष निवेश राशि में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है, तो इसके लिए शुरुआती चरण में लगभग 53,700 रुपये प्रति माह की SIP शुरू करनी होगी। समय के साथ निवेश बढ़ाने की यह रणनीति लक्ष्य तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अलग-अलग रिटर्न पर निवेश की जरूरत
रिटर्न की दर बदलने पर मासिक निवेश की आवश्यकता भी बदल जाती है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि किसी निवेश को केवल 8 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो 10 करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल करने के लिए करीब 1,74,600 रुपये प्रति माह निवेश करना पड़ सकता है। वहीं यदि औसतन 10 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिले, तो लगभग 1,38,100 रुपये मासिक निवेश की जरूरत होगी। हालांकि यदि निवेशक हर वर्ष अपनी SIP में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करता है, तो शुरुआती निवेश करीब 64,700 रुपये प्रति माह रह सकता है।
सही Mutual Fund का चयन भी जरूरी
बीते कुछ वर्षों में SIP के माध्यम से Mutual Fund में निवेश करने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है। हालांकि सभी फंड समान रिटर्न नहीं देते। इसलिए केवल SIP शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निवेश से पहले फंड का प्रदर्शन, जोखिम स्तर, फंड मैनेजर का रिकॉर्ड और निवेश का उद्देश्य भी ध्यान से समझना चाहिए। सही विकल्प का चयन लंबे समय में बेहतर परिणाम देने में मदद कर सकता है।
निवेश अवधि और अनुशासन पर दें ध्यान
विशेषज्ञों का मानना है कि SIP का वास्तविक लाभ लंबे समय तक निवेश बनाए रखने से मिलता है। आमतौर पर 15 से 20 वर्षों की अवधि में Compounding का प्रभाव अधिक स्पष्ट दिखाई देता है। कम समय में बाजार के उतार-चढ़ाव का असर रिटर्न पर पड़ सकता है, इसलिए निवेशकों को धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही अपनी आय बढ़ने के साथ हर साल SIP राशि में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने से भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।