JPSC – परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में रांची में छात्रों का आंदोलन तेज…
JPSC– झारखंड की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी के जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। आंदोलनकारी छात्रों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है। इस आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी समर्थन देने की बात कही है।

फ्लैश मार्च में बड़ी संख्या में जुटे छात्र
सोमवार को रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम से हजारों छात्रों ने फ्लैश मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगाए गए अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पर उम्मीदवारों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी कार्रवाई जरूरी है।
सीबीआई और ईडी जांच की उठी मांग
प्रेसवार्ता के दौरान छात्र प्रतिनिधि रविंद्र पासवान और पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि विवादित परीक्षाओं की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि सीबीआई प्रशासनिक स्तर पर हुई कथित अनियमितताओं की जांच करे, जबकि ईडी वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल करे। छात्रों का आरोप है कि कई मामलों में सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच अब तक नहीं हो सकी है।
विवादित परीक्षाएं रद्द करने की मांग
आंदोलनकारी छात्रों ने कुछ भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर नई प्रक्रिया के तहत दोबारा आयोजित करने की मांग भी रखी है। उन्होंने जेएसएससी सीजीएल, एपीपी, सीडीपीओ, एफएसओ, बैकलॉग बहाली और एससीएफ जेट सहित अन्य परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया कि प्रश्नपत्र से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को जांच प्रक्रिया में पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव
छात्र संगठनों ने विवादित भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग की है। उनका सुझाव है कि जांच और न्यायिक प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा, जैसे 90 दिनों के भीतर पूरा किया जाए ताकि अभ्यर्थियों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। आंदोलन के तहत मंगलवार को श्रद्धांजलि मार्च निकालने के बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की भी घोषणा की गई है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
प्रदर्शनकारी केवल जांच की मांग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि राज्य में प्रत्येक वर्ष नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए, जेपीएससी की आयु सीमा के लिए कटऑफ वर्ष 2018 निर्धारित किया जाए और प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन आउटसोर्स एजेंसियों के बजाय संबंधित आयोग स्वयं करें। इसके अलावा आयोगों में नियुक्तियों को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखने की मांग भी छात्रों ने उठाई है।