Shah Rukh Khan Zero Movie: शाहरुख खान के ‘जीरो’ फ्लॉप होने का सच, आनंद एल राय ने तोड़ी चुप्पी
Shah Rukh Khan Zero Movie: साल 2018 में रिलीज हुई शाहरुख खान की फिल्म ‘जीरो’ को लेकर दर्शकों और इंडस्ट्री में काफी उम्मीदें थीं। आनंद एल राय के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शाहरुख खान के साथ कटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेज़ नजर आई थीं। फिल्म का कॉन्सेप्ट अलग था और शाहरुख पहली बार बौने व्यक्ति की भूमिका में दिखे थे। बावजूद इसके, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई और फ्लॉप साबित हुई। (Shah Rukh Khan Zero Movie)
फ्लॉप के बाद अब खुलकर बोले आनंद एल राय
सालों बाद अब निर्देशक आनंद एल राय ने फिल्म ‘जीरो’ के फ्लॉप होने की असली वजह पर खुलकर बात की है। गलाटा प्लस को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि फिल्म में उनसे एक बड़ी चूक हो गई थी। आनंद ने माना कि वह शाहरुख खान के सुपरस्टार इमेज को उनके किरदार के साथ सही तरह से जोड़ नहीं पाए, जो फिल्म की असफलता की बड़ी वजह बनी।
शाहरुख के स्टारडम को समझने में हुई चूक
आनंद एल राय ने इंटरव्यू में कहा, “जीरो के साथ दिक्कत यही थी कि वह इंसान…वह सुपरस्टार मेरे पास बहुत प्यार के साथ आए। लेकिन मैं यह समझ ही नहीं पाया कि जब एक सुपरस्टार किसी फिल्म से जुड़ता है, तो सिर्फ एक्टर नहीं बल्कि उसकी एक इमेज भी साथ आती है।” उन्होंने माना कि शाहरुख खान की स्टार इमेज को कहानी में सही तरीके से इनकॉर्पोरेट करना जरूरी था, जो उनसे हो नहीं पाया।
स्टार और किरदार के बीच बैलेंस नहीं बन पाया
निर्देशक का मानना है कि अक्सर दर्शक अपने पसंदीदा स्टार को सिर्फ किरदार में नहीं, बल्कि उसके स्टारडम के साथ देखना चाहते हैं। आनंद ने कहा, “कई बार लोग अपने स्टार को किरदार में देखना चाहते हैं, लेकिन स्टार का एक हिस्सा भी वहीं होना चाहिए।” उन्होंने स्वीकार किया कि ‘जीरो’ में वह इस बैलेंस को साध नहीं पाए, जिसकी वजह से दर्शक फिल्म से पूरी तरह कनेक्ट नहीं कर सके।
‘बिना स्टार के बोझ’ वाली सोच बनी कमजोरी
आनंद एल राय ने यह भी कहा कि वह अक्सर यह कहते आए हैं कि उनकी फिल्में बिना स्टार के बोझ के होती हैं। लेकिन ‘जीरो’ के मामले में यही सोच उनकी कमजोरी बन गई। उन्होंने माना कि शायद वह अपने किरदार के भीतर शाहरुख खान के स्टारडम (Filmmaking with Superstars) को सही तरह से समाहित नहीं कर पाए। यह स्वीकारोक्ति बताती है कि बड़े सितारों के साथ काम करते वक्त डायरेक्टर को अलग अप्रोच अपनानी पड़ती है।
शूटिंग के दौरान कैसा रहा शाहरुख के साथ अनुभव
फिल्म के फ्लॉप होने के बावजूद आनंद एल राय ने शाहरुख खान के साथ काम करने के अनुभव को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि शूटिंग का पूरा प्रोसेस उनके लिए काफी रिवॉर्डिंग रहा। आनंद के मुताबिक, उन्होंने इस जर्नी को बहुत एंजॉय किया और शाहरुख खान ने उनसे भी ज्यादा। यह बताता है कि प्रोफेशनल लेवल पर दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं थे।
क्यों किसी ने वक्त पर नहीं रोका?
आनंद ने यह भी माना कि फिल्म बनाते वक्त शायद किसी को रुककर यह कहना चाहिए था कि यह सिर्फ एक्टर-डायरेक्टर की फिल्म नहीं है, बल्कि इसमें एक बड़ा स्टार जुड़ा हुआ है। अगर वक्त रहते इस बात को समझ लिया जाता, तो शायद फिल्म की दिशा थोड़ी अलग होती। यह आत्ममंथन एक निर्देशक के तौर पर उनकी ईमानदारी को भी दर्शाता है।
जीरो से मिली सीख
‘जीरो’ भले ही बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन आनंद एल राय के लिए यह एक बड़ी सीख बनकर सामने आई। उन्होंने समझा कि जब कोई सुपरस्टार फिल्म का हिस्सा होता है, तो उसकी इमेज, फैन बेस और उम्मीदों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कहानी के साथ-साथ स्टारडम को भी संभालना जरूरी होता है।
क्या फिर साथ आएंगे शाहरुख और आनंद?
हालांकि आनंद एल राय ने भविष्य को लेकर कोई साफ संकेत नहीं दिया, लेकिन उनके बयानों से यह जरूर साफ है कि शाहरुख खान के लिए उनके मन में आज भी सम्मान है। अगर दोनों दोबारा साथ काम करते हैं, तो संभव है कि इस बार स्टारडम और किरदार के बीच बेहतर संतुलन देखने को मिले।
