Fraud – ऑयल सप्लाई के नाम पर कारोबारी से हुई 44 लाख रुपये की कथित ठगी
Fraud – उत्तर प्रदेश के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ऑयल कारोबारी ने दिल्ली स्थित एक निजी कंपनी पर 44 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश के बाद पुलिस ने कंपनी के दो निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप है कि भुगतान लेने के बावजूद कंपनी ने तय समय पर ऑयल की आपूर्ति नहीं की।

ऑर्डर के बाद किया गया भुगतान
पूर्वा अहिरान निवासी कारोबारी विकास रस्तौगी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिताम्बर इमपैक्स नाम से ऑयल कारोबार संचालित करते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने दिल्ली के मालवीय नगर स्थित जेडपीएस ऑयल एंड गैस प्राइवेट लिमिटेड से इंडस्ट्रियल ऑयल का ऑर्डर दिया था। कंपनी की ओर से भुगतान प्राप्त होने के बाद माल भेजने का आश्वासन दिया गया, जिसके आधार पर उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से 44 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
सप्लाई का दावा, लेकिन नहीं पहुंचा माल
शिकायत के अनुसार, कंपनी के प्रतिनिधियों ने दो दिन के भीतर ऑयल की डिलीवरी करने की जानकारी दी थी। इसके साथ ही कथित तौर पर टैंकर और चालक से संबंधित विवरण भी साझा किए गए। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी ऑयल की आपूर्ति नहीं हुई। इसके बाद कारोबारी ने कंपनी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
कार्यालय पहुंचने पर नहीं मिले अधिकारी
पीड़ित का आरोप है कि वह कंपनी के कार्यालय और बताए गए पते पर भी पहुंचे, लेकिन वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद उन्हें आशंका हुई कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इसी कंपनी के खिलाफ एक अन्य व्यक्ति से भी लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है।
एसएसपी के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला
कारोबारी ने पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय से की। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने कंपनी के निदेशक तपस रंजन पटनायक और रंजीता पटनायक के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।