उत्तराखण्ड

Kedarnath Yatra Road Connectivity Projects: अब और भी आसान होगी बाबा केदार तक पहुचने की राह, अब नहीं लगेगा घंटों का जाम…

Kedarnath Yatra Road Connectivity Projects: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा में हर साल श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए प्रशासन ने अब एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बाबा केदार के भक्तों को जाम और संकरी सड़कों से निजात दिलाने के लिए धाम तक पहुंचने हेतु ‘डबल कनेक्टिविटी’ की कवायद शुरू कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत (Strategic Tunnel Construction in Uttarakhand) को प्राथमिकता दी जा रही है, जो कालीमठ के पास चौमासी से सोनप्रयाग तक एक सीधा और सुगम रास्ता प्रदान करेगी। इससे न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा भी बढ़ेगी।

Kedarnath Yatra Road Connectivity Projects
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सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोपवे का सपना होगा सच

केंद्र सरकार ने केदारनाथ यात्रा को पैदल चलने की कठिनाई से मुक्त करने के लिए सोनप्रयाग से धाम तक रोपवे बनाने की विशाल योजना तैयार की है। वर्तमान में इस परियोजना के लिए (Ropeway Alignment and Survey Work) का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले चार से पांच वर्षों में यह रोपवे धरातल पर उतर आएगा, जिससे घंटों की कठिन चढ़ाई महज कुछ मिनटों के आरामदायक सफर में बदल जाएगी। इस रोपवे प्रोजेक्ट की सफलता के लिए ही अब इसके बेस स्टेशन तक पहुंचने हेतु वैकल्पिक रास्तों पर काम किया जा रहा है।

सतपाल महाराज ने साझा की भविष्य की कार्ययोजना

प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज ने इस प्रोजेक्ट की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि केंद्र और राज्य सरकार का साझा लक्ष्य उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि (Satpal Maharaj on Road Infrastructure) के तहत चौमासी से सोनप्रयाग तक बनने वाली सुरंग केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट का एक अभिन्न हिस्सा होगी। यह टनल इस तरह से डिजाइन की जा रही है कि भारी भीड़ के दौरान भी यातायात का दबाव मुख्य मार्ग पर न पड़े और श्रद्धालु आसानी से रोपवे तक पहुंच सकें।

सात किलोमीटर लंबी ‘ट्विन ट्यूब’ टनल का निर्माण

लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हालिया दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ इस प्रोजेक्ट पर विस्तृत चर्चा हुई है। योजना के मुताबिक, चौमासी और सोनप्रयाग के बीच (Twin Tube Tunnel Technology) का उपयोग करते हुए सात किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी। ट्विन ट्यूब टनल होने के कारण आने और जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रास्ते होंगे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा न्यूनतम हो जाएगा और कुंड से सोनप्रयाग के बीच वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।

यात्रा सुगमता और स्थानीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इस नई सुरंग के बन जाने से केदारनाथ यात्रा न केवल सुगम होगी, बल्कि कालीमठ और चौमासी जैसे क्षेत्रों में स्थानीय पर्यटन को भी नया विस्तार मिलेगा। (Improvement in Pilgrimage Experience) को ध्यान में रखते हुए सरकार का मानना है कि डबल कनेक्टिविटी से आपदा जैसी आपातकालीन स्थितियों में भी रेस्क्यू ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स का काम आसानी से किया जा सकेगा। यह टनल प्रोजेक्ट उत्तराखंड की पहाड़ियों में इंजीनियरिंग का एक नया चमत्कार साबित होगा, जो केदारघाटी की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा।

आधुनिकता और आस्था का अनूठा संगम

केदारनाथ धाम के लिए तैयार किया जा रहा यह बुनियादी ढांचा आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। जब (Infrastructure Development in Himalayas) के ये बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे रोपवे और ट्विन ट्यूब टनल बनकर तैयार होंगे, तब केदारनाथ यात्रा दुनिया की सबसे सुव्यवस्थित धार्मिक यात्राओं में शुमार होगी। भक्त अब और भी अधिक श्रद्धा और सुरक्षा के साथ महादेव के दर्शन कर सकेंगे।

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