BiharFlood – नदियों का बढ़ता जलस्तर बना चिंता, कई जिलों में बाढ़ का खतरा…
BiharFlood– उत्तर बिहार और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार की प्रमुख नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक और अधवारा समूह की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है तथा लोगों से नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

हरहा नदी में बालक बहा, तलाश जारी
पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड के दोन क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दुखद हादसा हुआ। पूर्वी ढोकनी गांव निवासी 10 वर्षीय अनुज अपनी मां के साथ हरहा नदी पार कर रहा था। इसी दौरान तेज बहाव में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी की धारा में बह गया। उसकी मां सुरक्षित बाहर निकल आईं, लेकिन बालक का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने देर रात तक और अगले दिन भी उसकी तलाश की, लेकिन तेज बहाव और लगातार बारिश के कारण खोज अभियान सफल नहीं हो पाया।
SDRF टीम को लगाया गया खोज अभियान में
रामनगर के अंचल अधिकारी वेद प्रकाश ने बताया कि बालक की तलाश के लिए SDRF की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम के पहुंचने के बाद नदी में व्यवस्थित तरीके से खोज अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि मौसम और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में हर वर्ष नदी-नालों का जलस्तर बढ़ जाता है, लेकिन सुरक्षित आवागमन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाती। उनका कहना है कि कई गांवों के लोगों, खासकर बच्चों को रोजाना जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
कई जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
पूर्वी चंपारण में डुमरिया घाट के पास गंडक नदी और लालबकेया क्षेत्र में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। वहीं वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिम चंपारण में गंडक और हरहा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। मधुबनी जिले के मधेपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में भी कोसी नदी का पानी फैलने लगा है। उधर नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण सुपौल जिले के कुछ तटबंध के अंदर वाले इलाकों में भी पानी प्रवेश करने की सूचना है।
सड़क संपर्क प्रभावित, प्रशासन सतर्क
जल संसाधन विभाग के अनुसार गुरुवार शाम को कोसी बैराज से लगभग 2.45 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया। विभाग का कहना है कि फिलहाल व्यापक बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। सहरसा के नवहट्टा प्रखंड में बढ़ते जलस्तर के कारण एक ग्रामीण सड़क का हिस्सा बह गया, जिससे आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। वहीं शाहपुर-बनाही मार्ग पर रुद्रनगर के पास निर्माणाधीन डायवर्सन दोबारा जलमग्न हो गया है, जिससे हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।