SocialMedia – मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में 10 एक्स हैंडल को मिला नोटिस
SocialMedia- बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री साझा करने के आरोप में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के 10 हैंडल्स को नोटिस जारी किया है। इन हैंडल्स में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का आधिकारिक X अकाउंट भी शामिल है। अधिकारियों ने संबंधित खातों से 72 घंटे के भीतर विवादित सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में निर्देशों का पालन नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

आईटी एक्ट और BNS के तहत जारी हुआ नोटिस
CCSU की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित पोस्ट सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के दायरे में जांच के योग्य हैं। इकाई ने X प्लेटफॉर्म को संबंधित पोस्ट हटाने के लिए कहा है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने सहित आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
मुख्यमंत्री से जुड़े पोस्ट पर जताई आपत्ति
साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के अनुसार जिन पोस्टों पर आपत्ति जताई गई है, उनमें मुख्यमंत्री को लेकर कथित रूप से अभद्र, अपमानजनक या भ्रामक टिप्पणियां की गई हैं। CCSU के अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री प्रसारित होने पर संबंधित प्लेटफॉर्म को पहले नोटिस भेजा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर उसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाती है।
आईजी ने बताया कार्रवाई का आधार
CCSU के आईजी रंजीत कुमार मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए नियमानुसार सूचना भेजी जाती है। प्लेटफॉर्म स्वयं सामग्री की समीक्षा करता है और यदि वह नियमों का उल्लंघन करती है तो उसे हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में एआई आधारित आपत्तिजनक सामग्री और अन्य भ्रामक पोस्ट के मामलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी सामने आए थे ऐसे मामले
बिहार पुलिस के अनुसार पिछले कुछ समय में मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और धमकी भरे संदेशों के कई मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे ही एक मामले में मुख्यमंत्री को धमकी देने के आरोप में बांका निवासी एक युवक को गुजरात से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ कानूनी सीमाओं का पालन करना भी आवश्यक है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ सकती है चर्चा
चूंकि नोटिस प्राप्त करने वाले खातों में एक प्रमुख राजनीतिक दल का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल भी शामिल है, इसलिए इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है। हालांकि फिलहाल पुलिस का कहना है कि उसकी कार्रवाई केवल कानून के प्रावधानों के अनुरूप की गई है और इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक एवं नियमों का उल्लंघन करने वाली सामग्री के प्रसार को रोकना है।