DefenseStocks – अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों ने बनाया नया रिकॉर्ड स्तर
DefenseStocks – डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़ी कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों में हाल के दिनों में तेज उछाल देखने को मिला है। बुधवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान 8 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 369.30 रुपये तक पहुंच गया। मजबूत तिमाही नतीजों और बढ़ती निवेशक दिलचस्पी के चलते शेयर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में ही कंपनी के शेयर में 27 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है।

लंबे समय में निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने पिछले कुछ वर्षों में अपने निवेशकों को असाधारण रिटर्न दिया है। पांच साल पहले कंपनी का शेयर जहां करीब 12 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था, वहीं अब इसकी कीमत 369 रुपये के पार पहुंच चुकी है। इस दौरान शेयर में 3000 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है।
अगर हाल के वर्षों की बात करें तो चार साल में शेयर ने करीब 2950 प्रतिशत की तेजी दिखाई है। पिछले तीन वर्षों में भी कंपनी के शेयर ने 1000 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल दर्ज किया। वहीं, बीते एक साल में इसमें 170 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखने को मिली है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, डिफेंस सेक्टर में बढ़ते सरकारी खर्च और घरेलू निर्माण को बढ़ावा मिलने से इस तरह की कंपनियों को फायदा मिल रहा है।
चौथी तिमाही में मुनाफे में जोरदार बढ़ोतरी
कंपनी के वित्तीय नतीजों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। मार्च 2026 तिमाही में अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर लगभग 169 प्रतिशत बढ़ गया। कंपनी ने इस तिमाही में 37.61 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 14 करोड़ रुपये था।
विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स की बढ़ती मांग से कंपनी की आय में मजबूती आई है। मजबूत ऑर्डर बुक और सरकारी परियोजनाओं में भागीदारी को भी कंपनी की ग्रोथ का अहम कारण माना जा रहा है।
आय और परिचालन प्रदर्शन में भी मजबूती
तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 293.25 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 161.76 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी की आय में 80 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
कंपनी का EBITDA भी मजबूत रहा और यह 67 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी सिर्फ बिक्री ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि परिचालन स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
शेयर स्प्लिट के बाद बढ़ी निवेशकों की पहुंच
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने पहले अपने शेयरों का विभाजन भी किया था, जिससे छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ी। कंपनी ने मई 2023 में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में बांटा था। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, शेयर स्प्लिट के बाद स्टॉक में लिक्विडिटी बढ़ती है और खुदरा निवेशकों की रुचि भी मजबूत होती है।
मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 52 प्रतिशत बनी हुई है, जबकि बाकी हिस्सेदारी सार्वजनिक निवेशकों के पास है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी में प्रमोटर होल्डिंग अभी भी मजबूत स्थिति में है।
डिफेंस सेक्टर पर बाजार की नजर
हाल के समय में भारतीय डिफेंस सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ा है। सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ नीति और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर के कारण घरेलू कंपनियों को नए अवसर मिल रहे हैं। इसी वजह से डिफेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।