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Rainforest – भविष्य की दवाओं के लिए अहम है उष्णकटिबंधीय जंगलों का संरक्षण

Rainforest– उष्णकटिबंधीय जंगल केवल जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि भविष्य में विकसित होने वाली कई जीवनरक्षक दवाओं की संभावनाएं भी इन्हीं वनों से जुड़ी हैं। वर्ल्ड वेदर एट्रीब्यूशन (World Weather Attribution) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इन जंगलों में मौजूद अब तक अनछुए फूलदार पौधों से मिलने वाले संभावित औषधीय यौगिकों का व्यावसायिक मूल्य लगभग 714 अरब अमेरिकी डॉलर तक आंका गया है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि यदि इनसे समाज को मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ को शामिल किया जाए, तो इनका कुल सामाजिक मूल्य करीब 7 खरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।

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प्राकृतिक स्रोत आज भी चिकित्सा के लिए महत्वपूर्ण

रिपोर्ट के अनुसार आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में प्राकृतिक संसाधनों का योगदान आज भी बेहद अहम बना हुआ है। वर्ष 1940 से 2014 के बीच विकसित अधिकांश कैंसर रोधी दवाएं सीधे प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त हुईं या उन्हीं से प्रेरित होकर तैयार की गईं। वहीं 2014 से 2024 के बीच वैश्विक स्तर पर स्वीकृत 579 नई दवाओं में से 56 ऐसी थीं, जिनका आधार प्राकृतिक उत्पाद या उनके निकटवर्ती रासायनिक यौगिक रहे। इससे स्पष्ट होता है कि नई दवाओं की खोज में वनस्पतियों की भूमिका लगातार बनी हुई है।

अनदेखे रासायनिक यौगिकों में छिपी हैं संभावनाएं

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पौधों में मौजूद लगभग 99 प्रतिशत रासायनिक यौगिकों का अब तक वैज्ञानिक परीक्षण नहीं किया गया है। इसका अर्थ यह है कि अनेक संभावित औषधीय खोजें अभी भी जंगलों की जैव विविधता में छिपी हुई हैं। यदि किसी वन क्षेत्र का विनाश हो जाता है, तो वहां मौजूद दुर्लभ पौधों के साथ उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जैविक और रासायनिक जानकारी भी हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है, जिससे भविष्य की दवा खोज के अवसर कम हो जाते हैं।

तीन क्षेत्रों में सबसे अधिक औषधीय क्षमता

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2001 के बाद से उष्णकटिबंधीय वनों की कटाई के कारण संभावित औषधीय खोजों का लगभग 86 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य जोखिम में आ चुका है। संभावित औषधीय संसाधनों का सबसे बड़ा हिस्सा अमेजन बेसिन, दक्षिण-पूर्व एशिया और कांगो बेसिन में पाया जाता है। इन तीनों क्षेत्रों में दुनिया की आधे से अधिक संभावित औषधीय जैव विविधता मौजूद है, इसलिए इनका संरक्षण वैश्विक स्वास्थ्य और वैज्ञानिक अनुसंधान दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे अधिक खतरा

रिपोर्ट बताती है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में वनों की कटाई की रफ्तार सबसे अधिक चिंता का विषय बनी हुई है। यदि वैश्विक समुदाय 2030 तक वनों की कटाई रोकने के अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल कर लेता है, तो वर्ष 2050 तक लगभग 79 अरब अमेरिकी डॉलर के संभावित व्यावसायिक मूल्य और करीब 790 अरब अमेरिकी डॉलर के सामाजिक लाभ को सुरक्षित रखा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे चिकित्सा अनुसंधान और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

जैव विविधता संरक्षण में निवेश की जरूरत

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फार्मास्यूटिकल, बायोटेक्नोलॉजी और कॉस्मेटिक उद्योग जैव विविधता से प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त करते हैं। इसके बावजूद दुनिया की कई बड़ी कंपनियों ने जैव विविधता संरक्षण के लिए अपने निवेश और दीर्घकालिक योजनाओं को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की औषधीय खोजों और पर्यावरण संरक्षण के लिए उद्योग, सरकारों और वैज्ञानिक संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग आवश्यक है।

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