Cucumber – जानें कड़वे खीरे का स्वाद सुधारने के आसान घरेलू उपाय
Cucumber – गर्मियों में खीरा सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पानी की कमी पूरी करने में भी मदद करता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी, विटामिन K, विटामिन C, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। लोग इसे सलाद, रायता या सीधे काटकर खाना पसंद करते हैं। हालांकि कई बार खीरा स्वाद में कड़वा निकल आता है, जिससे पूरा खाने का अनुभव खराब हो जाता है। ऐसी स्थिति में उसे फेंकने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ आसान घरेलू तरीकों से उसका कसैलापन काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कड़वापन आने की मुख्य वजह
खीरे में कड़वापन आने का कारण कुकुर्बिटासिन (Cucurbitacins) नामक प्राकृतिक यौगिक होता है। यह तत्व पौधे को कीटों और अन्य नुकसान पहुंचाने वाले जीवों से बचाने का काम करता है। यदि इसकी मात्रा अधिक हो जाए तो खीरे का स्वाद कड़वा महसूस होने लगता है। आमतौर पर यह तत्व डंठल वाले हिस्से के आसपास अधिक पाया जाता है, इसलिए वहीं से कड़वाहट शुरू होती है।
डंठल वाले हिस्से को रगड़ने का पारंपरिक तरीका
यदि खीरा कड़वा लगे तो सबसे पहले उसके डंठल की ओर का मोटा हिस्सा काट दें। इसके बाद कटे हुए भाग पर थोड़ा नमक लगाकर उसी कटे हुए टुकड़े को गोल-गोल घुमाते हुए रगड़ें। कुछ ही देर में सफेद झाग जैसा पदार्थ दिखाई देने लगता है। लंबे समय से अपनाया जाने वाला यह घरेलू तरीका कई लोगों के अनुसार खीरे की कड़वाहट कम करने में मददगार माना जाता है।
नमक का उपयोग भी हो सकता है फायदेमंद
अगर खीरा काटने के बाद कड़वा महसूस हो तो उसके टुकड़ों पर हल्का नमक छिड़ककर लगभग पांच मिनट के लिए छोड़ दें। इस दौरान खीरा थोड़ा पानी छोड़ता है, जिससे उसका कसैलापन कम हो सकता है। बाद में चाहें तो साफ पानी से धोकर खाएं, ताकि अतिरिक्त नमक भी निकल जाए। यदि नमक के साथ खाना पसंद हो तो बिना धोए भी इसका सेवन किया जा सकता है।
मोटा छिलका उतारने से भी मिल सकती है राहत
गहरे हरे रंग वाले खीरे में कड़वाहट की संभावना अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। ऐसे में बहुत पतला छिलका उतारने के बजाय थोड़ा मोटा छिलका निकालना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा खीरे को छीलने से पहले लगभग 15 मिनट तक हल्के नमक मिले पानी में भिगोकर रखने का तरीका भी अपनाया जा सकता है। इससे स्वाद में मौजूद कसैलापन कुछ हद तक कम होने की संभावना रहती है और खीरा खाने में अधिक स्वादिष्ट लग सकता है।