CommonwealthGames – ग्लासगो में आज से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, भारत की पदक चुनौती इस बार क्यों मानी जा रही है कठिन…
CommonwealthGames – स्कॉटलैंड के ग्लासगो में गुरुवार, 23 जुलाई से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत हो रही है। इस बार भारत ने 126 खिलाड़ियों का दल भेजा है, जिसमें एथलेटिक्स के नीरज चोपड़ा, भारोत्तोलन की मीराबाई चानू और मुक्केबाजी की लवलीना बोरगोहेन जैसे कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय दल में 78 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, पिछले संस्करण की तुलना में इस बार भारत के पदक जीतने की संभावनाओं को अपेक्षाकृत कम माना जा रहा है।

कई लोकप्रिय खेल इस बार कार्यक्रम से बाहर
ग्लासगो संस्करण में खेलों की सूची पहले के मुकाबले काफी सीमित कर दी गई है। आयोजकों ने क्रिकेट सहित कुल नौ खेलों को इस बार प्रतियोगिता से बाहर रखा है। इसके अलावा बैडमिंटन, हॉकी, कुश्ती, टेबल टेनिस, स्क्वॉश, बीच वॉलीबॉल, रगबी सेवन्स और ट्रायथलॉन भी इस संस्करण का हिस्सा नहीं हैं। इन खेलों में भारत का प्रदर्शन पिछले वर्षों में लगातार मजबूत रहा है, इसलिए इनके बाहर होने का सीधा असर पदक तालिका पर पड़ सकता है।
मेजबानी में बदलाव से बदली प्रतियोगिता की रूपरेखा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेजबानी शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को मिली थी। लेकिन बढ़ती लागत के कारण वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने आयोजन से पीछे हटने का फैसला किया। इसके बाद सितंबर 2024 में ग्लासगो को नए मेजबान शहर के रूप में चुना गया। सीमित समय में तैयारियों को पूरा करने के लिए आयोजकों ने प्रतियोगिता का स्वरूप छोटा रखा और कई खेलों को कार्यक्रम से हटाने का निर्णय लिया।
पिछली सफलता के पीछे थे अब हटाए जा चुके खेल
बर्मिंघम में आयोजित 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 61 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया था। इनमें बड़ी संख्या उन खेलों से आई थी, जो इस बार प्रतियोगिता में शामिल नहीं हैं। पिछले संस्करण में भारत ने कुश्ती में 12, टेबल टेनिस में 7, बैडमिंटन में 6, हॉकी में 2, स्क्वॉश में 2 और क्रिकेट में 1 पदक अपने नाम किया था। यानी कुल 30 पदक ऐसे खेलों से मिले थे, जो अब ग्लासगो गेम्स का हिस्सा नहीं हैं। यही कारण है कि इस बार भारत के कुल पदक आंकड़े पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट का सीमित इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट का इतिहास काफी सीमित रहा है। पहली बार वर्ष 1998 में इस खेल को प्रतियोगिता में शामिल किया गया था, जिसमें 16 पुरुष टीमों ने भाग लिया था। उस संस्करण में दक्षिण अफ्रीका ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया को रजत और न्यूजीलैंड को कांस्य पदक मिला।
इसके बाद लगभग 24 वर्षों के अंतराल के बाद 2022 में क्रिकेट की वापसी हुई। इस बार महिला टी20 प्रारूप को शामिल किया गया था। उस प्रतियोगिता में ऑस्ट्रेलिया ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। न्यूजीलैंड ने कांस्य पदक हासिल किया था। 2026 संस्करण में क्रिकेट को फिर से कार्यक्रम से बाहर रखा गया है।