AcademicAchievement – दीक्षांत समारोह में छात्रों से बोले राज्यपाल, देशहित को बनाएं जीवन का लक्ष्य
AcademicAchievement – दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री या पदक प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और देश के विकास में सार्थक योगदान देना है। उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग जनहित से जुड़े विषयों पर शोध करने तथा देश के सामने मौजूद चुनौतियों के समाधान खोजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र के मन में “देश प्रथम” की भावना होनी चाहिए, क्योंकि यही सोच भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करती है।

समाज की समस्याओं पर शोध का दिया संदेश
अपने संबोधन में राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को समझें और उन पर गंभीरता से अध्ययन करें। उनका कहना था कि नई पीढ़ी के पास नवाचार और शोध के माध्यम से बदलाव लाने की बड़ी क्षमता है। यदि युवा व्यावहारिक समाधान विकसित करेंगे, तो इसका लाभ केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि पूरे देश को मिलेगा।
अभिभावकों के संघर्ष को याद रखने की सलाह
राज्यपाल ने छात्रों को उनके माता-पिता के योगदान का सम्मान करने की भी सीख दी। उन्होंने कहा कि हर उपलब्धि के पीछे परिवार का त्याग और वर्षों की मेहनत छिपी होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले खेती-किसानी में पानी की व्यवस्था करना आसान नहीं था और किसानों को रातभर जागकर मेहनत करनी पड़ती थी। आज परिस्थितियां बदल रही हैं, लेकिन उस संघर्ष को कभी नहीं भूलना चाहिए।
बदलते समय के साथ नई संभावनाओं पर जोर
उन्होंने कहा कि तकनीक और संसाधनों के विकास से आज युवाओं के सामने पहले की तुलना में अधिक अवसर उपलब्ध हैं। जिन चुनौतियों का सामना पिछली पीढ़ियों ने किया, उनमें से कई का समाधान आधुनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से संभव हो रहा है। ऐसे समय में विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करें।
मेधावी विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पदक देकर सम्मानित किया गया। बीवीएससी एंड एएच तथा बीटेक जैव प्रौद्योगिकी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बरेली के निशांत मेंदीरत्ता और अनुष्का विद्या को कांस्य पदक प्रदान किया गया। वहीं, बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर बदायूं के अमन वर्मा को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
शिक्षा के साथ जिम्मेदारी निभाने का आह्वान
समारोह के अंत में विद्यार्थियों से अपेक्षा की गई कि वे अपनी उपलब्धियों को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें। उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए नवाचार, अनुसंधान और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि नई पीढ़ी अपने ज्ञान और प्रतिभा के बल पर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।