BankScam – 657 करोड़ रुपये मामले में जांच के दायरे में आए कई आईएएस अधिकारी
BankScam – हरियाणा में कथित 657 करोड़ रुपये के बैंक लेनदेन घोटाले की जांच तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अब तक इस मामले में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक निलंबित आईएएस अधिकारी की तलाश जारी है। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। मामले में सरकारी विभागों और निजी बैंकों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

कई विभागों के वित्तीय लेनदेन की हो रही जांच
सीबीआई के अनुसार, जांच का केंद्र बिंदु राज्य सरकार के कई विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े वित्तीय लेनदेन हैं। आरोप है कि कुछ बैंक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से सरकारी धन का गलत तरीके से उपयोग किया गया। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि धन का प्रवाह किन खातों के माध्यम से हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
निलंबित आईएएस अधिकारी की तलाश जारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2011 बैच के निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार फिलहाल जांच एजेंसियों की पहुंच से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि उनका मोबाइल फोन बंद है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके खिलाफ अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत में दायर की गई है। अदालत ने अगली सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी से संबंधित मामलों का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा है।
प्रदीप कुमार पर आरोप है कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में सदस्य सचिव के रूप में कार्यकाल के दौरान एक निजी बैंक खाते के माध्यम से लगभग 169 करोड़ रुपये के वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। इन आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
फर्जी कंपनियों तक धन पहुंचने के आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि सरकारी धन को नियमों के विपरीत निजी बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया और बाद में कथित तौर पर कई शेल कंपनियों के खातों में भेजा गया। जांच के दौरान स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, कैपसीपी फिनटेक सर्विसेज सहित कुछ अन्य कंपनियों के बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है।
सीबीआई इन कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है ताकि धन के वास्तविक उपयोग और लाभार्थियों की पहचान की जा सके।
कई अधिकारियों की भूमिका की हो रही पड़ताल
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कुल आठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ जांच की अनुमति पहले ही मिल चुकी है। सीबीआई इससे पहले आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल और राम कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इसके अलावा कुछ अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों, वित्तीय दस्तावेजों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और किसी भी अधिकारी की अंतिम जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।